
सिंगरौली । जिले के जियावन रेंज अंतर्गत मेढ़ और महुल- खाड़ी के जंगलों में लगी आग ने एक पेड़ मॉ के नाम अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार वन विकास निगम द्वारा यहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया था, लेकिन आग लगने के चार दिन बाद भी मौके पर न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही कर्मचारी नजर आए। इस दौरान आग लगातार जंगल में फैलती रही और हजारों पौधे जलकर राख हो गए। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह आग कहीं भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश तो नहीं है। आरोप है कि जिन क्षेत्रों में कागजों पर वृक्षारोपण दिखाया गया, वहां वास्तविक स्थिति सामने न आए, इसलिए आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने संदेह को और गहरा कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने बताया कि आग बुझाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए, जिससे नुकसान और बढ़ गया। मामले की जानकारी कलेक्टर तक पहुंचाई गई है और उनसे तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वन विभाग और वन विकास निगम की जिम्मेदारी तय कब होगी और इस नुकसान का जवाब कौन देगा।
