नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) ओडिशा और महाराष्ट्र में जल्द नये केंद्र खोलेगा।
डॉ सिंह ने एक लिखित उत्तर में बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) ने देश में कैंसर इलाज की सुविधाओं का विस्तार करते हुए अब तक सात राज्यों में 11 अस्पताल और संस्थान स्थापित किए हैं। इन संस्थानों के माध्यम से मरीजों को व्यापक कैंसर उपचार और शोध की सुविधाएं दी जा रही हैं। ये अस्पताल मुंबई, नवी मुंबई, वाराणसी, विशाखापत्तनम, न्यू चंडीगढ़, संगरूर, गुवाहाटी और मुजफ्फरपुर सहित कई शहरों में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा ओडिशा के जटनी (खुर्दा) में एनआईएसईआर परिसर में 200 बेड का आधुनिक कैंसर अस्पताल और शोध केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर ने महाराष्ट्र के खोपोली में एक केंद्र बनाया है, जहां भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली का उपयोग कर सस्ती और कम दुष्प्रभाव वाली कैंसर दवाओं की खोज पर काम किया जा रहा है। साथ ही भारत में पायी जाने वाली औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में टीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई (650 बेड), एसीटीआरईसी, नवी मुंबई (930 बेड), महमाना पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर, वाराणसी, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, पंजाब और विशाखापत्तनम, डॉ. बी. बरूआ कैंसर इंस्टीट्यूट, गुवाहाटी और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मुंबई में प्लैटिनम जुबली ब्लॉक (583 बेड) 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि खोपोली में आईसीटीआरईसी और भुवनेश्वर में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल 2026 में शुरू होने की संभावना है।
श्री सिंह ने बताया कि कैंसर उपचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए टीएमसी हब एंड स्पोक मॉडल पर भी काम कर रहा है। इस मॉडल के तहत बड़े केंद्र (हब) छोटे अस्पतालों (स्पोक) को तकनीकी और उपचार सहायता देते हैं। फिलहाल वाराणसी और पंजाब में यह मॉडल लागू है। इसके साथ ही नेशनल कैंसर ग्रिड (एनसीजी) के माध्यम से देश के करीब 380 कैंसर केंद्र, शोध संस्थान और मरीज समूह जुड़े हुए हैं। इस नेटवर्क के जरिए उपचार के मानक तय करने, प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।
श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की फिलहाल महाराष्ट्र के वर्धा क्षेत्र में हब-स्पोक मॉडल पर नया अस्पताल बनाने की कोई योजना नहीं है।
