
छतरपुर/बमीठा | केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों के आंदोलन के बीच अब कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बमीठा थाना पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और उनके करीब 50 साथियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई वन विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता, शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में की गई है।
विवाद की मुख्य वजह: भुसोर गेट पर भिड़ंत
घटना उस समय की है जब बिजावर क्षेत्र के ढोडन बांध प्रभावितों से मिलने के लिए अभिषेक परमार अपने समर्थकों के साथ पहुँचे थे। प्रशासन और कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशों के अनुसार भुसोर गेट से बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा था। जब वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोका, तो आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने जबरन गेट तोड़ दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से अभद्रता की।
सोशल मीडिया वीडियो बना अहम साक्ष्य
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो स्वयं अभिषेक परमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया था। पुलिस ने इसी वीडियो को मुख्य साक्ष्य माना है, जिसमें शासकीय संपत्ति के साथ छेड़छाड़ और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। रेंजर राजेंद्र कुमार सोलंकी की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया।
पुलिस का सख्त रुख: 25 की हुई शिनाख्त
बमीठा थाना प्रभारी (TI) बाल्मीक चौबे ने बताया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर अभिषेक परमार और अन्य 50 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223, 132, 191(2), 190 और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 20 से 25 आरोपियों की पहचान कर ली है और जल्द ही सबकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
आंदोलन पर साया
बता दें कि एक ओर जहाँ पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई है, वहीं दूसरी ओर मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा धरना फिलहाल 10 दिनों के लिए स्थगित है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रशासन को और भी बड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।
