ग्राउंड जीरो पर कलेक्टर: लखपति दीदियों का बढ़ाया उत्साह, ईंटखेड़ी-गोलखेड़ी को मिलेगी हलाली बांध से पानी की सौगात

भोपाल: राजधानी में आए नए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा जिले की व्यवस्थाओं को लेकर निरंतर निरीक्षण कर रहे हैं. जिससे शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर सही तरीके से होता रहे. उसी क्रम को जारी रखते हुए शुक्रवार को ईंटखेड़ी निरीक्षण करने पहुंचे. वहां पर स्व-सहायता समूहों की दीदियों से मिले. इस दौरान उन्होंने दीदियों के बनाए हुए उत्पादों को देखा. उन्होंने कहा कि आपके हाथों से बने उत्पाद सबसे अच्छे और अलग हैं. उन्होंने आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया. सीएलएफ सेंटर पर गए. स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से बनाए गए जरी-जरदौजी, जूट व बांस से निर्मित उत्पादों के स्टॉल्स देखे. कलेक्टर ने समूहों को आजीविका गतिविधियों को और सशक्त बनाने व योजनाबद्ध तरीके से स्कूल के बच्चों के आवागमन के लिए आजीविका एक्सप्रेस संचालित करने का सुझाव भी दिया. कलेक्टर ने शुक्रवार को बैरागढ़ वृत्त कार्यालय का निरीक्षण किया.
ईटखेड़ी, गोलखेड़ी और बीनापुर पानी की समस्या
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्राम पंचायत के लोगोंं से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और ड्रॉप-आउट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. ईटखेड़ी, गोलखेड़ी और बीनापुर की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या से अवगत कराया. इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आसपास की ग्राम पंचायतों में हलाली बांध परियोजना के माध्यम से पेयजल व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए.
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 4 हजार महिलाएं : ईला तिवारी
निरीक्षण के दौरान जिल पंचायत सीईओ इला तिवारी ने कलेक्टर को बताया कि बताया कि र्इंटखेड़ी समर्थन सीएलएफ से लगभग 4 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं लखपति दीदी के रूप में उभर रही हैं. ये महिलाएं पशुपालन, बैंक सखी, टैक्स कलेक्शन, सिलाई-कढ़ाई तथा अन्य व्यवसायों के माध्यम से स्वयं और अपने परिवार को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं. उन्होंने बताया कि स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम, माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है. पारंपरिक उत्पाद जैसे हैंडलूम, जरी-जरदोजी और जूट एवं बांस के हस्त निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है.
गेहूं उपार्जन केंद्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर मिश्रा ने ग्राम पंचायत गोलखेड़ी के मां संतोषी वेयरहाउस में संचालित गेहूं उपार्जन केंद्र का भी निरीक्षण किया. खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने जानकारी दी कि कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए 37 हजार 407 किसानों ने पंजीयन कराया है और जिले के 91 केंद्रों पर खरीदी जारी है. वर्तमान स्थिति में 4 हजार 315 किसानों से लगभग 2.41 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. इसके बाद किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली.

Next Post

उत्तराखंड की पहाड़ियों में साहस का इम्तिहान: बदरी-केदार ट्रेल पर शुरू हुआ 113 किलोमीटर लंबा 'सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0', देशभर के 300 धावक लगा रहे हैं दौड़

Sat Apr 18 , 2026
चमोली | उत्तराखंड के दुर्गम और सुंदर पहाड़ी रास्तों पर ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ का भव्य आगाज हो गया है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को जोड़ने वाले पुराने पैदल मार्ग पर आयोजित इस 113 किलोमीटर लंबी मैराथन में जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक के करीब 300 धावक हिस्सा ले रहे […]

You May Like