
रंगपंचमी पर अचलेश्वर मंदिर से निकला भव्य चल समारोह
ग्वालियर। रंगपंचमी का त्योहार आज शहर भर में धूमधाम से मनाया गया, इसके साथ ही होलाष्टक से शुरू हुआ होली पर्व का समापन हो गया। आज रंगपंचमी पर शहर के मंदिरों में रंग-अबीर सुबह से ही उड़ता रहा। भक्तों के बीच उत्साह नजर आ रहा था।
शहरवासियों के आस्था के केंद्र अचलेश्वर मंदिर से हर साल की तरह परंपरागत रूप से भगवान अचलनाथ भक्तों से होली खेलने के लिए ढोल ताशों के साथ निकले। अचलनाथ के विग्रह स्वरूप को फूलों से सजे डोले में विराजमान कर उसे कंधों पर उठाकर भक्तगण चल रहे थे। चल समारोह दोपहर 12 बजे अचलेश्वर मंदिर से रवाना हुआ। बाबा अचलनाथ पालकी में सवार होकर बैंड-बाजे एवं ढोल ताशों के साथ जैसे ही शहर भ्रमण कर भक्तों से होली खेलने निकले तो बम-बम भोले के जयकारों से रास्ते गूंजने लगे। भगवान अचलनाथ लनाथ ढोल-ताशों के साथ होली खेलने के लिए जैसे ही निकले तो भक्तों ने फूल उड़ाना शुरू कर दिया।
भक्त रास्ते भर एक-दूसरे पर गुलाल और फूल बरसा रहे थे। इसके बाद सनातन धर्म मंदिर रोड, इंदरगंज चौराहा, दाल बाजार, नया बाजार, लोहिया बाजार, ऊंट पुल, पाटनकर बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, गस्त का ताजिया होते हुए फालका बाजार स्थित राम मंदिर में अचलनाथ पहुंचे, यहां फूल और गुलाल से होली खेली गई। इसके बाद ऊंट पुल होते हुए गिर्राजजी मंदिर पर भगवान अचलनाथ का चल समारोह पहुंचा, यहां पर गिर्राजजी के साथ होली की परंपरा का निर्वहन किया गया।
दाल बाजार हुआ रंगीन
भगवान अचलनाथ दाल बाजार पहुंचे तो व्यापारियों ने फूलों की वर्षा की तो कई भक्तों ने गुलाल उड़ाते हुए पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांगी। यहां की गई गुलाल की बरसात से सड़क एवं आसमान रंगबिरगा हो गया। यहां घरों की छतों से रहवासियों ने गुलाल व पुष्प वर्षा करके अचलनाथ की अगवानी की।
चक्रधर के आंगन में अचलनाथ ने खेली होली
गिर्राजजी के बाद भगवान अचलनाथ की सवारी श्री सनातन धर्म मन्दिर में गाजे-बाजे के साथ भगवान चक्रधर के साथ होली खेलने पहुंची। यहां मन्दिर प्रांगण में अचलनाथ की अगवानी भगवान चक्रधर की ओर से मंदिर के पदाधिकारियों ने की। इस अवसर पर भगवान चक्रधर का मनमोहक विशेष श्वेत श्रृंगार किया गया। बाबा अचलनाथ के साथ पधारे सभी भक्तों की अगवानी केशरयुक्त ठंडाई के साथ की गई। यहां लगभग 3000 गिलास ठंडाई की व्यवस्था की गई। भगवान चक्रधर से होली खेलने के बाद अचलनाथ अचलेश्वर मंदिर परिसर में पहुंच गए यहां मंदिर में जमकर गुलाल उड़ाया गया जिससे मंदिर का फर्श रंग-बिरंगा हो गया। आरती एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ चल समारोह का समापन हुआ।
राधा-कृष्ण के स्वरूप ने उड़ाया गुलाल
चल समारोह में खुले ट्रॉले पर राधा-कृष्ण के स्वरूप में कलाकार विराजमान थे जो होली के पारंपरिक रसिया एवं फाग पर नृत्य कर रहे थे, साथ ही लोगों पर गुलाल एवं पुष्प उड़ा रहे थे।
