भोपाल। वैधानिक न्यूनतम वेतन न मिलने का आरोप लगाते हुए मध्यप्रदेश के हजारों अस्थायी, आउटसोर्स एवं संविदा श्रमिकों ने 28 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
श्रमिकों का कहना है कि सरकार द्वारा मासिक न्यूनतम वेतन 12,425 से 16,769 रुपये तय होने के बावजूद कई विभागों और औद्योगिक इकाइयों में उन्हें मात्र 3,000 से 5,000 रुपये तक ही भुगतान किया जा रहा है। इस अंतर के कारण स्कूलों, पंचायत सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भेजे गए पत्र के अनुसार इस प्रदर्शन को “सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह आंदोलन” नाम दिया गया है। जिला स्तर पर इसकी तैयारियां चल रही हैं, जिसमें चौकीदार, पंप ऑपरेटर, सफाईकर्मी और अंशकालिक स्कूल कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हो सकते हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि वे 10–12 घंटे काम करने के बावजूद बेहद कम वेतन पा रहे हैं, जबकि वे अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन दे चुके हैं। उन्होंने सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने और इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।
