जगदलपुर 17 जुलाई (वार्ता) छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मानसून के आते ही एक बार फिर बीमारियों ने दस्तक दे दी है। हर साल की तरह इस बार भी बारिश के साथ मलेरिया, डेंगू और जापानी बुखार जैसी बीमारियां सामने आने लगी हैं। खास तौर पर जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के मामले बढ़ने लगे हैं जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के शुरुआती साढ़े छह महीनों में बस्तर संभाग से अब तक 19 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें बस्तर जिले से 13, बीजापुर से तीन और अन्य जिलों से तीन मामले मिले हैं। अब तक लोहांडीगुड़ा और केसलूर इलाके में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। इन दोनों मौतों की पुष्टि के लिए अंतिम जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
जापानी इंसेफेलाइटिस एक वायरल बीमारी है जो खास तौर पर कुलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है। ये मच्छर अधिकतर खेतों और जंगलों वाले क्षेत्रों में पनपते हैं।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू बताते हैं कि यह बीमारी बच्चों में ज्यादा गंभीर रूप लेती है। उनके अनुसार, इससे बचाव के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे जरूरी है, जैसे मच्छरदानी का प्रयोग, घर और आस-पास की सफाई, तथा मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव।
बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जेई की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग भी संभावित क्षेत्रों में एहतियाती उपाय कर रहा है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
