भोपाल। पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जिला एवं विशेष पुलिस इकाइयों में आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम प्रणाली और मापन संग्रहण इकाइयाँ के प्रभावी संचालन को सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, जयदीप प्रसाद के निर्देशन में किया गया। इसका मुख्य फोकस आधुनिक तकनीकों के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य के संग्रहण और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम सिस्टम और मापन संग्रहण इकाइयाँ के संचालन पर विस्तृत सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को उन्नत तकनीकों के उपयोग, डेटा संग्रहण की शुद्धता तथा डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।
आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के तहत पुलिस एवं जांच एजेंसियों को आरोपियों, गिरफ्तार व्यक्तियों या दोषियों के फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफ और बायोमेट्रिक डेटा सहित विभिन्न माप एकत्र, सुरक्षित और विश्लेषित करने का अधिकार प्राप्त है। मापन संग्रहण इकाइयाँ इन आंकड़ों के डिजिटल संग्रहण में सहायक हैं।
कार्यशाला में विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों से कुल 67 अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति भी रही।
