निर्देश : प्रवेश से मना करने पर निजी स्कूलों पर होगी कार्यवाही

जबलपुर: शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी पालक द्वारा यह शिकायत प्राप्त होती है कि उनके बच्चे को आवंटित निजी विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, तो इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

संबंधित विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) और जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए संबंधित अशासकीय विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करेंगे। साथ ही संबंधित बच्चे को आवंटित विद्यालय में प्रवेश मिल जाए यह भी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की दैनिक समीक्षा भी दिए गए हैं, जिससे कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
प्रवेश लेने की अंतिम तिथि बढ़ी
केंद्र ने एडमिशन की तिथि को बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित निजी स्कूलों में 25 अप्रैल तक एडमिशन ले सकेंगे। पहले प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर अभिभावकों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा सभी जिलों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। अभिभावकों की मांग व विद्यार्थियों के हित को देखते हुए अब प्रथम चरण में आवंटित विद्यालय में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि को 15 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 25 अप्रैल 2026 कर दी गई है।

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