
नई दिल्ली, 06 सितंबर 2025: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की है कि भारत 2030 तक दुनिया के शीर्ष 10 शिपबिल्डिंग (जहाज निर्माण) देशों में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस उपलब्धि से भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा।
रणनीतिक योजना और निवेश
मंत्री सोनोवाल ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार कई रणनीतिक कदम उठा रही है। उन्होंने ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जिसके तहत शिपयार्डों के आधुनिकीकरण, नई तकनीक के इस्तेमाल और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निजी कंपनियों को भी प्रोत्साहित कर रही है।
रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर
इस पहल से देश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। शिपबिल्डिंग उद्योग के बढ़ने से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, खासकर तटीय क्षेत्रों में। इसके अलावा, यह भारत की आर्थिक वृद्धि को भी गति देगा और वैश्विक समुद्री व्यापार में देश की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करेगा।
