
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को महिलाओं के आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसके रुख में स्पष्टता और निरंतरता के अभाव का आरोप लगाया।
राजधानी भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सरकार की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित इस कानून में स्पष्ट प्रावधान था कि इसके क्रियान्वयन से पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नायक ने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार अपने ही प्रावधानों से पीछे हटती नजर आ रही है, जिससे देशभर में भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व में अधिसूचना जारी होने के बावजूद इसी विषय से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश कर उस पर चर्चा और मतदान का औचित्य क्या है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे ने भी बिना पूर्ण कानूनी अधिसूचना के संशोधन लाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए केंद्र पर जातिगत जनगणना से बचने का आरोप लगाया।
