इंदौर: डेली कॉलेज में 2026 के बोर्ड चुनाव के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है और अब मामला कानूनी व प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है. क्राइम ब्रांच ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, वहीं तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका 16 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने खारिज कर दी.विवाद की एक बड़ी वजह ‘वॉइस ऑफ डीसी’ नाम से चलाए गए कथित फर्जी सोशल मीडिया अभियान को बताया जा रहा है, जिसके जरिए कॉलेज प्रबंधन और महिला कर्मचारियों की छवि खराब करने के आरोप लगे हैं. साथ ही चुनाव को प्रभावित करने के लिए भ्रामक कंटेंट फैलाने की शिकायत भी सामने आई है.
चुनावी प्रक्रिया और संविधान में प्रस्तावित बदलावों को लेकर ओल्ड डेलियन्स ने विरोध जताया है. पूर्व छात्र राजेश अग्रवाल का आरोप है कि चुनाव टालने और चयन प्रक्रिया लागू करने की कोशिश हो रही है, जिससे पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. दूसरी ओर, डेली कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रेस रिलीज में कहा कि हाल ही में एक बैठक के दौरान सिर्फ 5 लोगों को अनुमति थी, लेकिन संदीप पारेख के नेतृत्व में 35-40 लोग परिसर में पहुंचे, जिसे दबाव बनाने की कोशिश बताया गया. उस समय परिसर में विद्यार्थी मौजूद थे, जिससे सुरक्षा पर भी सवाल उठे.करीब 400 ओल्ड डेलियन्स ने हस्ताक्षर कर संदीप पारेख को बोर्ड से हटाने की मांग की है और इसकी शिकायत प्रशासन तक भेजी गई है.
अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
सोसायटी का कहना है कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और पहले ही सभी मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया जा चुका है. हालांकि, विवाद सुलझाने के लिए जल्द बैठक बुलाने की बात कही गई है. साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है
