इंदौर: शहर में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद उस समय नए मोड़ पर पहुंच गया, जब सपना हाजी के डेरे से निकलकर नंदलालपुरा डेरे में लौटे दो किन्नरों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए. दोनों ने दबाव बनाकर झूठी शिकायतें कराने, मारपीट और जान से मारने की धमकियां देने तक के आरोप लगाए हैं.मामले के अनुसार, सोनम और पालक नामक दो किन्नर हाल ही में सपना हाजी के डेरे से अलग होकर नंदलालपुरा डेरे में वापस लौट आए हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा कर दावा किया कि उन्हें जबरन दबाव में रखकर नंदलालपुरा डेरे के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज करवाए थे. इनमें धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप भी शामिल थे, जिन्हें उन्होंने अब सिरे से खारिज कर दिया. दोनों किन्नरों का आरोप है कि उनके परिवारों पर भी दबाव बनाया गया था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी गईं थीं.
थाने में बयान दर्ज कराकर की निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने यह भी बताया कि डेरे में उनके साथ मारपीट की जाती थी और पैरों पर डंडों से मारा जाता था. इतना ही नहीं, डराकर उनसे पुलिस में झूठी शिकायतें दर्ज करवाई जाती थीं. सोनम और पालक ने यह भी खुलासा किया कि उनसे एचआईवी इंजेक्शन लगाने जैसे गंभीर और भ्रामक आरोपों की झूठी शिकायतें भी कराई गईं, जिससे समाज में डर और भ्रम फैलाया जा सके. दोनों ने पंढरीनाथ थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
सपना हाजी और राजा हाशमी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
साथ ही किन्नरों ने प्रशासन से यह मांग भी की है कि सपना हाजी और राजा हाशमी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से इंदौर ही नहीं, बल्कि देशभर में किन्नर समाज की छवि धूमिल हो रही है. पंढरीनाथ पुलिस का कहना कहना है कि फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है
