
रीवा। रीवा-रतहरा बाईपास में बीहर नदी के ऊपर बने पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते पिछले कई दिनो से जाम की स्थित निर्मित हो रही है. बुधवार की रात बेला बाईपास एवं उससे जुड़े मार्गो में जाम लग गया. जिसके चलते 15 किलो मीटर तक जाम लग गया.
मैहर एवं गोविंदगढ़ मार्ग में 15 घंटे तक जाम लगा रहा और पुलिस एवं प्रशासन की बड़ी मसक्कत के बाद दोपहर जाम खोला गया, तब जाकर वाहन चालक और प्रशासन ने राहत की सांस ली. सतना मार्ग में भी भारी वाहनो का जाम रहा. लेकिन सबसे ज्यादा जाम मैहर नेशनल हाइवे 30 पर था. दरअसल बीहर नदी में बने पुल का मरम्म कार्य किया जा रहा है जिसके कारण आवागमन प्रभावित हुआ है. रात 9 बजे बेला बाईपास एवं उससे जुड़े मार्ग में जाम लगना शुरू हुआ और धीरे-धीरे 15 किलो मीटर तक जाम सुबह तक लग गया. भारी वाहन रात भर सडक़ो पर ही फसे रहे. सुबह उम्मीद थी कि जाम खुल जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ. प्रशासन ने टै्रफिक डायवर्जन किया है फिर भी जाम लग रहा है. सुबह 10 बजे तक हालत खराब हो गये, सतना, रीवा पुलिस और प्रशासन जाम खुलवाने सडक़ पर उतरी और काफी मसक्कत के बाद किसी तरह धीरे-धीरे जाम खुलना शुरू हुआ. पुल के मरम्मत के चलते 30 अप्रैल तक भारी वाहनो का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया जिसके चलते आवागमन प्रभावित हो रहा है. तीन घंटे तक जाम हटाने में समय लगा. दोपहर 1 बजे के बाद धीरे-धीरे जाम कम होने लगा और आवागमन बहाल हुआ.
भूखे-प्यासे रहे ट्रक चालक
रात को जाम लगने के कारण हजारो ट्रक फस गये. रात भर भूखे-प्यासे ट्रक चालक जाम में फसे रहे. अपने ट्रको को छोडक़र कही जा नही सकते थे और जाम खुलने का रात भर इंतजार करते रहे. उम्मीद थी कि सुबह तक जाम खुल जाएगा लेकिन जाम सुबह भी नही खुला, एक चाय के लिये चालक तरसते रहे. ट्रक के अलावा अन्य वाहन भी जाम में फसे रहे और 15 घंटे तक मुसीबत का सामना करना पड़ा.
कलेक्टर ने बीहर नदी के क्षतिग्रस्त पुल का किया निरीक्षण
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने रीवा बायपास मार्ग में बीहर नदी पर पुराने पुल के गर्डर में दरार आने और पियरकैप क्षतिग्रस्त होने के स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पुल का मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करायें. उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहन वैकल्पिक मार्ग से निकल रहे हैं जिसके कारण जाम की स्थिति निर्मित हो रही है. उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू व सुरक्षित रखने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया. कलेक्टर ने बायपास से लेकर बेला तक के मार्ग का भी निरीक्षण किया. उन्होंने बेला पुलिस चौकी में बैठक लेकर वाहनों के परिवर्तित मार्ग के विकल्पों पर चर्चा की.
