
जबलपुर। अधारताल थाना अंतर्गत न्यू कंचनपुर, शारदा कॉलोनी में रहने वाली बी-फार्मा की एक छात्रा इंस्टाग्राम फ्रेंड और फर्जी सीबीआई ऑफिसर के बुने हुए जाल में फंस गई। अवैध सोना का डर दिखा जालसाजों ने छात्रा से किस्तों में कुल 27 हजार रुपए की ठगी की है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार शगुन तिवारी (21) निवासी न्यू कंचनपुर, शारदा कॉलोनी की करीब डेढ़ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पहचान रवि शर्मा नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला इंस्टाग्राम से शुरू होकर व्हाट्सएप चैटिंग और कॉलिंग तक पहुँच गया। रवि ने छात्रा को खुद के यूके (लंदन) में होने की बात कहकर पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया था।
रवि ने शगुन को व्हाट्सएप पर एक फ्लाइट टिकट भेजा और बताया कि वह लंदन से मुंबई और फिर वहां से जबलपुर आ रहा है। उसने छात्रा को कॉल कर बताया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुँच चुका है, लेकिन उसे सीबीआई अधिकारियों ने रोक लिया है। उसने बहाना बनाया कि उसके पास सोना और यूएस डॉलर हैं, जिसके टैक्स और परमिशन कार्ड के लिए उसे तत्काल इंडियन करेंसी की जरूरत है।
रवि के कॉल के ठीक 15 मिनट बाद शगुन को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का सीबीआई ऑफिसर बताया। उसने छात्रा को डराया कि रवि के पास अवैध सोना है और यदि उसे छुड़ाना है, तो टैक्स के 27 हजार और परमिशन लेटर के 15 हजार रुपए भरने होंगे। रवि ने भी कॉल कर रोते हुए मदद की गुहार लगाई, जिससे छात्रा घबरा गई। अपने दोस्त को मुसीबत में समझकर छात्रा ने अपने परिचितों से पैसे उधार लिए और जालसाजों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। 27 हजार रुपए भेजने के बाद जब जालसाजों की डिमांड और बढ़ी और वे 15 हजार रुपए और मांगने लगे, तब छात्रा के पिता को संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की भनक लगी। पिता द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर छात्रा ने पूरी कहानी बताई, जिसके बाद समझ आया कि यह एक सोची-समझी डिजिटल ठगी थी। पीड़िता ने अब थाना अधारताल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
