वाशिंगटन, 15 अप्रैल (वार्ता) वेटिकन के साथ निरंतर विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पोप लियो पर हमला तेज करते हुए कहा कि ईरान ने पिछले दो महीनों के दौरान कम से कम 42,000 निर्दोष प्रदर्शनकारियों को मार डाला है और इसलिए, उसके पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा, “ क्या कोई कृपया पोप लियो को बताएगा कि ईरान ने पिछले दो महीनों में कम से कम 42,000 निर्दोष, पूरी तरह से निहत्थे प्रदर्शनकारियों को मार डाला है। ऐसी स्थिति में ईरान के पास परमाणु बम होना ‘बिल्कुल अस्वीकार्य’ है।”
अमेरिका में जन्मे पोप लियो पर यह हमला श्री ट्रंप द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अपनी एक एआई निर्मित तस्वीर हटाने के एक दिन बाद आया है। उस तस्वीर में श्री ट्रंप को पोप की वेशभूषा में दिखाया गया था जैसे कि वह स्वर्ग से उतरे हों और एक बीमार व्यक्ति को ठीक कर रहे हों। श्री ट्रंप को भारी विरोध के बाद यह तस्वीर वापस लेना पड़ा था। पोप के प्रति श्री ट्रंप का यह तीखा रुख तब सामने आया है जब पोप लियो ने शनिवार को वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स बेसिलिका में शाम की प्रार्थना के दौरान कहा था कि ईरान युद्ध के चारों ओर ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ व्याप्त है। पोप ने कहा था, “ स्वयं की मूर्तिपूजा और धन का मोह अब बहुत हुआ! शक्ति का प्रदर्शन बहुत हुआ! युद्ध अब बंद होना चाहिए! सच्ची शक्ति जीवन की सेवा करने में दिखाई देती है।”
श्री ट्रंप ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “ पोप लियो अपराध के प्रति नरम हैं और विदेश नीति के लिए भयानक हैं… मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए, जो यह सोचता हो कि ईरान का परमाणु हथियार रखना ठीक है।” अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने श्री ट्रंप का बचाव करते हुए पोप से ‘नैतिकता के मामलों तक सीमित रहने’ को कहा। उल्लेखनीय है कि श्री वेंस स्वयं एक कैथोलिक हैं। श्री वेंस ने फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “ वेटिकन के लिए यह सबसे अच्छा होगा कि वह नैतिकता के मामलों और कैथोलिक चर्च में जो चल रहा है, उस तक सीमित रहे और अमेरिका के राष्ट्रपति को अमेरिकी सार्वजनिक नीति तय करने दे।”
पोप लियो ने कहा कि वह ट्रंप प्रशासन से नहीं डरते हैं और युद्ध के खिलाफ तथा शांति के लिए ‘पुरजोर तरीके से बोलना’ जारी रखेंगे। श्री वेंस ने साक्षात्कार में कहा कि श्री ट्रंप के पास अमेरिकी विदेश नीति निर्धारित करने का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा, “ उन्हें अमेरिका के हितों का ध्यान रखना है और इसका अनिवार्य रूप से मतलब यह है कि जब वेटिकन सार्वजनिक नीति के मुद्दों पर टिप्पणी करता है, तो कभी सहमति होगी और कभी असहमति।”

