भारतीय टी20 टीम को जल्द नया कप्तान मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्या से कप्तानी वापस ली जा सकती है, हालांकि इस फॉर्मेट में उनका कप्तानी रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है।
भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 सेटअप में जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद अब टीम इंडिया की नजर अगले चक्र की तैयारियों पर है। जून के आखिर में आयरलैंड दौरे पर भारत को दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है, जिसके लिए टीम का ऐलान अभी होना बाकी है। इसी बीच ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि चयनकर्ता टी20 टीम को नई दिशा देने के लिए कप्तानी में बदलाव कर सकते हैं।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूर्यकुमार यादव से टी20 कप्तानी वापस ली जा सकती है। इतना ही नहीं, खराब फॉर्म के कारण उनकी टीम में जगह भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। हालांकि, आंकड़ों पर नजर डालें तो बतौर कप्तान उनका रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है।
कप्तान के तौर पर बेहद सफल रहे सूर्यकुमार
रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सूर्यकुमार यादव को इस फॉर्मेट में भारत की कमान सौंपी गई थी। इससे पहले भी वह रोहित की गैरमौजूदगी में कई मुकाबलों में टीम की अगुआई कर चुके थे। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उनके नेतृत्व में भारत ने 52 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिनमें से 42 में जीत हासिल की। टीम को सिर्फ 8 मैचों में हार मिली, जबकि 2 मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला।
सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कोई भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं गंवाई। भारत ने इस दौरान 9 सीरीज खेलीं और सभी में जीत दर्ज की। इसके अलावा एशिया कप 2026 का खिताब भी टीम ने उनके नेतृत्व में अपने नाम किया।
बल्लेबाजी में नहीं दिखा पुराना रंग
कप्तानी के मोर्चे पर सफलता मिलने के बावजूद सूर्यकुमार का व्यक्तिगत प्रदर्शन पिछले कुछ समय से उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। यही वजह है कि उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। बतौर कप्तान उन्होंने 52 मैचों में 49 पारियां खेलते हुए 1232 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 28.65 और स्ट्राइक रेट 154.96 का रहा। उनके बल्ले से एक शतक और आठ अर्धशतक भी देखने को मिले। हालांकि हाल के महीनों में वह बड़ी पारियां खेलने में लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं।
चयनकर्ताओं के सामने कड़ी चुनौती
आयरलैंड सीरीज और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए चयनकर्ताओं के सामने अब संतुलन बनाने की चुनौती होगी। एक ओर सूर्यकुमार का कप्तानी रिकॉर्ड है, तो दूसरी ओर उनकी मौजूदा बल्लेबाजी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि चयन समिति अनुभव पर भरोसा जताती है या फिर युवा खिलाड़ियों को मौका देकर टीम के नेतृत्व में नया अध्याय शुरू करती है। आने वाले दिनों में भारतीय टी20 टीम को लेकर कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
