नई दिल्ली | दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को 10 दिनों की ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) हिरासत में भेज दिया है। एडिशनल सेशंस जज शेफाली बरनाला टंडन ने लंबी सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। ईडी ने विनेश चंदेल को 13 अप्रैल की देर रात गिरफ्तार किया था और कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में चंदेल की 33 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत गहन जांच की जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत तब हुई जब ईडी ने जनवरी में I-PAC के एक अन्य डायरेक्टर प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापा मारा था। यह कार्रवाई कथित कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई थी। गौरतलब है कि I-PAC तृणमूल कांग्रेस के चुनावी अभियानों का प्रबंधन करती है। ईडी ने जांच के दौरान आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर अब ईडी वित्तीय अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ रही है।
जांच एजेंसी ने कोर्ट में दलील दी कि विनेश चंदेल से हिरासत में पूछताछ करना अनिवार्य है ताकि इस सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हो सके। ईडी का यह भी आरोप है कि पूर्व में की गई कार्रवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज गायब किए गए थे। हालांकि, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया है। फिलहाल, विनेश चंदेल अब ईडी की रिमांड पर रहेंगे, जहां उनसे कंपनी के निवेश और कथित घोटाले से जुड़े फंड के स्रोतों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

