गुरुग्राम | दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए आईएमटी मानेसर इलाके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से लोगों को भड़काने और कंपनियों पर पेट्रोल बम से हमले करने की योजना बनाने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 9 अप्रैल को हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के पीछे इसी समूह का हाथ था, जिसमें पुलिस वाहनों को निशाना बनाया गया और कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन में आपत्तिजनक चैट और हिंसा फैलाने के पुख्ता सबूत बरामद किए गए हैं।
पकड़े गए सभी आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले हैं और इनका गुरुग्राम की कंपनियों या स्थानीय श्रमिकों से कोई सीधा संबंध नहीं है। पुलिस के मुताबिक, ये बाहरी तत्व केवल माहौल बिगाड़ने और दंगा भड़काने के उद्देश्य से सक्रिय थे। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। समय रहते की गई इस पुलिसिया कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रशासन इस साजिश के तार नोएडा में हुए हालिया उग्र प्रदर्शनों से भी जोड़कर देख रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
गुरुग्राम पुलिस ने मानेसर के श्रमिकों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी भड़काऊ मैसेज या बाहरी तत्वों के बहकावे में न आएं। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, नोएडा पुलिस ने भी सेक्टर-63 में हुई तोड़फोड़ के बाद अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों शहरों की पुलिस आपसी समन्वय के साथ जांच कर रही है ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज सुचारू रूप से चल सके और अराजक तत्वों पर सख्त नकेल कसी जा सके।

