जालंधर | भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी बलबीर सिंह जूनियर की आज पुण्यतिथि है। 13 अप्रैल 1932 को हॉकी के गढ़ कहे जाने वाले जालंधर के संसारपुर में जन्मे बलबीर ने महज 6 साल की उम्र में हॉकी स्टिक थाम ली थी। सेंटर फॉरवर्ड के तौर पर खेलने वाले बलबीर ने घरेलू मैदानों पर अपनी रफ्तार और तकनीक से सबको प्रभावित किया। खेल के प्रति उनके इसी जुनून ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया, जहाँ उन्होंने एक आपातकालीन कमीशन अधिकारी के रूप में देश की सेवा की और मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए।
बलबीर सिंह जूनियर का घरेलू करियर उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने भारतीय रेलवे टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 1957, 1958 और 1959 में लगातार तीन बार राष्ट्रीय खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए 1951 में अफगानिस्तान दौरे के लिए उन्हें पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया। इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी और राज्य की टीम के लिए भी कई यादगार मुकाबले जीते, जिससे वे भारतीय हॉकी के एक भरोसेमंद नाम बन गए।
बलबीर सिंह के अंतरराष्ट्रीय करियर का स्वर्णिम पल 1958 के टोक्यो एशियाई खेलों में आया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मैदान पर उनकी आक्रामकता और खेल की समझ ने भारत को एशियाई स्तर पर मजबूती से स्थापित किया। हॉकी से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल से जुड़े रहे और 13 अप्रैल 2021 को 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। आज देश उन्हें एक महान खिलाड़ी और सच्चे देशभक्त के रूप में याद कर रहा है।

