एनडीए-सीडीएस परीक्षा में दिखी सख्ती, लेट अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश

इंदौर: रविवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए नौसेना अकादमी एनडीए और संयुक्त रक्षा सेवा सीडीएस की परीक्षाएं प्रदेश के विभिन्न शहरों में कड़ी निगरानी के बीच आयोजित की गईं. इंदौर सहित प्रमुख शहरों में प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त व्यवस्थाएं लागू कीं.परीक्षा केंद्रों के गेट निर्धारित समय से 30 मिनट पहले ही बंद कर दिए गए. देरी से पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला, जिससे केंद्रों के बाहर सख्ती साफ नजर आई. इस बार सभी परीक्षा केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया. हालांकि तकनीकी समस्याओं के कारण जिन अभ्यर्थियों का सत्यापन नहीं हो पाया, उन्हें अधिकारियों की निगरानी में मैन्युअल रूप से प्रवेश दिया गया.

अभ्यर्थियों की संख्या
प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों में 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. इंदौर में 13 केंद्रों पर कुल 5,493 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी.

सुरक्षा और सुविधाएं
परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा और सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया. अभ्यर्थियों के लिए पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं. पर्याप्त स्टाफ और ऑब्जर्वर की तैनाती के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई.

अधिकारियों की जानकारी
एडिशनल कमिश्नर सपना लोवंशी के अनुसार, एनडीए परीक्षा में 75 प्रतिशत और सीडीएस में 65 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई. इंदौर में कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 7 एनडीए और 6 सीडीएस के लिए निर्धारित थे। इनमें से कुछ केंद्रों पर तीन शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की गईय उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए यूपीएससी से दो और सेंट्रल रेलवे से एक ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था. साथ ही प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी

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