मुंबई: भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचा है। स्वर साम्राज्ञी आशा भोसले के निधन की खबर सामने आते ही देश भर में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।करीब सात दशकों तक अपनी मधुर और बहुआयामी आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली आशा जी ने 12 हजार से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी।
हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और कई अन्य भाषाओं में भी उन्होंने अपनी गायकी का जादू बिखेरा।उनकी गायकी की खासियत रही कि उन्होंने हर दौर और हर शैली—ग़ज़ल, पॉप, क्लासिकल, फिल्मी और कैबरे में खुद को बखूबी ढाला। यही वजह रही कि वे हर पीढ़ी की पसंद बनी रहीं।परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। उनके निधन से न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि संगीत प्रेमियों के बीच भी अपूरणीय क्षति का माहौल है।आशा भोसले अपने पीछे एक समृद्ध संगीत विरासत छोड़ गई हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
