नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (वार्ता) केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए” निर्यात किये जाने वाले डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को बढ़ाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
इसके अलावा, सड़क एवं अवसंरचना उपकर के रूप में लगाये जाने वाले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी बढ़ाकर 36 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने इससे पहले 27 मार्च को घरेलू बिक्री वाले पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। पेट्रोल पर इसे 13 रुपये से घटाकर तीन रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य किया गया था।
तब सरकार ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के बोझ से आम लोगों को बचाने के लिए ऐसा किया गया है। लेकिन सरकार के राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए निर्यात किये जाने वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि की गयी है।
उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस समय कच्चे तेल की कीमत 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। गत 28 फरवरी को ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद बीच में यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। ईरान युद्ध से पहले यह 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था।
