
भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय अर्जुन सिंह की जयंती पर बुधवार को राजधानी में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। प्रातःकाल बोर्ड ऑफिस चौराहे स्थित उनकी प्रतिमा पर कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुँचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को स्मरण किया।
इसके बाद शिवाजी नगर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अर्जुन सिंह के बड़े पुत्र अभिमन्यु सिंह तथा उनके छोटे पुत्र और कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित रहे और अपने पिता के राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान से जुड़े स्मरण भाव साझा किए।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि “अर्जुन सिंह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और वैचारिक धारा थे।” उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, गरीबों के उत्थान, समावेशी विकास और राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता के लिए समर्पित कर दिया। चौधरी ने पंजाब के राज्यपाल रहते हुए अर्जुन सिंह की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने बिना सेना को बुलाए राज्य में अमन-शांति स्थापित की, जो वैश्विक राजनीति का एक अद्वितीय उदाहरण है।
उन्होंने हाल ही में न्यूयॉर्क की मेयरल चुनावी सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि “जैसे नेहरू आज भी विश्व स्तर पर याद किए जाते हैं, उसी प्रकार अर्जुन सिंह भी अपने व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण और योगदानों के लिए सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे।”
चौधरी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्जुन सिंह की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाने और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि “यह हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि अर्जुन सिंह द्वारा स्थापित मूल्यों को जीवित रखें।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मुकेश नायक, पी.सी. शर्मा, शेरयार खान, चंद्रिका द्विवेदी, दिलीप मिश्रा, महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना, कल्पना वर्मा, प्रहलाद टिपानिया, अजीत भदौरिया, अभिनव बरोरिया, जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, अवनीश बुंदेला, राजकुमार सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, विवेक तोमर, सत्येंद्र कुशवाहा सहित अनेक कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन न्याय, समानता और समावेशी विकास के उन मूल्यों को संरक्षित और आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिनके लिए अर्जुन सिंह अपने राजनीतिक जीवन में निरंतर प्रयत्नशील रहे।
