नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (वार्ता) हरियाणा के एक मोस्ट वांटेड अपराधी को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से भारत वापस लाया गया है। वह अपराधी साहिल चौहान विदेश भाग गया था।
इस कार्रवाई को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और इंटरपोल की मदद से अंजाम दिया गया।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से हमने 10 अप्रैल को वांछित फरार अपराधी साहिल चौहान को थाईलैंड से सफलतापूर्वक भारत वापस लाने का इंतजाम किया है।”
हरियाणा पुलिस को हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और अवैध हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े कई मामलों में साहिल चौहान की तलाश थी। वह कुख्यात भूप्पी राणा गैंग का एक प्रमुख सदस्य है, जो हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय है।
4 जनवरी 2017 को चौहान ने कथित तौर पर जगाधरी कोर्ट परिसर (यमुनानगर, हरियाणा) में गैंग रंजिश के चलते मोनू राणा पर उस समय फायरिंग की थी, जब उसे लंबित आपराधिक मामलों में सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया गया था।
इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, जमानत पर रिहा होने के बाद वह फरार हो गया और विदेश भाग गया।
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) ने इंटरपोल के माध्यम से चौहान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया।
इसके बाद चौहान को बैंकॉक में लोकेट किया गया और उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। वह दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीबीआई अधिकारी ने आगे बताया कि भारत में इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में एजेंसी भारतपोल के जरिए सभी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाता है। ऐसे प्रयासों के तहत हाल के वर्षों में 150 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है।
