ई-विकास प्रणाली से खाद का विक्रय न करने पर दो विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

रीवा। जिले में किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए ई-विकास प्रणाली लागू की गई है. एक अप्रैल से खाद का शत-प्रतिशत वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से अनिवार्य किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दो खाद विक्रेताओं द्वारा बिना इस प्रणाली के खाद का विक्रय किया. इस लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए उपसंचालक कृषि यूपी बागरी ने मेसर्स माधव ट्रेडिंग कंपनी चाकघाट और मेसर्स कुशवाहा खाद बीज भण्डार बैकुण्ठपुर के खुदरा खाद विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं. आईएफएमएस पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई के तहत संबंधित विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों को सीज करने और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश उर्वरक निरीक्षक को दिए गए हैं. निलंबन अवधि के दौरान इन प्रतिष्ठानों में खाद का किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. कृषि विभाग ने सभी खाद विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरक बेचना सुनिश्चित करें. साथ ही किसानों से भी यह अपील की गई है कि वे ई-विकास प्रणाली के जरिए टोकन बुक करके ही खाद खरीदें, ताकि उन्हें समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध हो सके.

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