सतना: नगर निगम के कचरा वाहन में हेल्पर का काम करने वाले एक व्यक्ति की मौत के बाद हंगामा हो गया। पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे दिया। मामला सफाई कर्मचारी भैयालाल बसोर की मौत का बताया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार भैयालाल बीते मंगलवार को ड्यूटी पर था इसी दौरान वह गाड़ी की चपेट में आकर घायल हो गया। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया जहां से जबलपुर रेफर किया गया और रास्ते में मौत हो गई। आक्रोशित परिजन एवं सफाई कर्मचारी संगठन के लोग कोलगवां थाना पहुंच गए और थाना परिसर के बाहर धरने पर बैठकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेका कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे।
पुलिस ने समझाया और शव मर्चुरी में शिफ्ट कर दिया जहां बुधवार को 50 लाख मुआवजा और एक सदस्य की नौकरी की मांग को लेकर फिर अड़ गए। जिसके बाद कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी सहित पुलिस फोर्स पहुंच गई। जानकारी के अनुसार मृतक भैयालाल बसोर शहर में कचरा निपटान का कार्य करने वाली रेमकी कंपनी में हेल्पर के रूप में कार्यरत था। कार्य के दौरान वह कचरा वाहन की चपेट में आ गया।घटना के बाद कंपनी प्रबंधन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। मृतक के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है।
बेसहारा हो गया परिवार
बताया गया कि भैयालाल की पत्नी पहले से ही एक किडनी के सहारे जीवन जी रही है, जबकि उनका एक पुत्र दिव्यांग है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह भैयालाल पर ही थी। ऐसे में उसकी मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है। धरने पर बैठे परिजनों ने कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों द्वारा परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया।
