
सिंगरौली। आज बुधवार की अल सुबह से ही आसमान में बादल मड़रा रहे थे। 9 बजे से समूचे ऊर्जाधानी में रिमझिम बारिश शुरू हुई और शाम के वक्त चितरंगी इलाके में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। इस बेमौसम बारिश से अन्नदाताओं में हाय-तौबा मच गई है।
दरअसल मौसम विभाग पूर्व से ही अलर्ट जारी किया था कि सिंगरौली जिले में भी बारिश होगी। आज सुबह समूचे ऊर्जाधानी में बूंदाबांदी हुई। मोरवा इलाके समेत सभी इलाको में बूंदाबांदी का असर तेज दिखा। वहीं दोपहर के वक्त सूर्य देवता के दर्शन हुये, लेकिन शाम के वक्त फिर से मौसम खराब हुआ और बैढ़न के गनियारी, देवरा, बलियरी समेत अन्य कई स्थानों में रिमझिम बारिश करीब 15 मिनट तक होती रही। इसके बाद चितरंगी तहसील मुख्यालय से लेकर सोनतीर इलाका फुलकेस, गांगी, खैरा, पोड़ी, नौडिहवा, देवगांव, मानिकपुर, विजयपुर, नदनी, बरहट, धरौली, बर्दी, कोरसर समेत तमाम गांवों में तेज बारिश शाम 6:30 बजे से शुरू हुई और करीब 1 घंटे तक बारिश होती रही। इस दौरान चितरंगी मुख्यालय समेत आसपास के गांवों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। ओले का करीब एक-दो ग्राम के आकार के बराबर गिरे हैं। इस बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों में हाय-तौबा मच गई है। कई किसानों ने बताया है कि करीब 40 प्रतिशत किसानों ने फसले दलहनी व तिलहनी समेत गेहॅू व जौ फसलों को काटकर खलिहानों में पहुंचा दिया गया था और फसलें खेतों में कट कर समेटने के लिए रखी गई थी। किंतु इस बेमौसम बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे हालात में अब अन्नदाता अपना-अपना माथा पिटने लगे हैं। हालांकि इस मामले में अभी जिला प्रशासन द्वारा कोई अधिकृत जानकारी नही दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जुलाई अगस्त महीने में लगातार बारिश से धान फसलों को नुकसान हुआ था, लेकिन प्रशासन ने फूटी कौड़ी भी नही दिया था।
आसमान में एक साथ दिखे दो इन्द्रधनुष
आज बुधवार की शाम करीब 4:20 बजे बैढ़न के पूर्व दिशा में आसमान में प्रकृति का बेहद मनमोहक और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। एक ही समय में सात रंगों से सजे दो अलग-अलग इंद्रधनुष आसमान में उभर आए, जिसने लोगों को आश्चर्य और उत्साह से भर दिया। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए लोग अपने घरों, दुकानों और सड़कों पर रुक गए और लंबे समय तक आसमान की ओर निहारते रहे। बारिश की हल्की फुहारें और बादलों के बीच सूरज की किरणें पड़ते ही आसमान में लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी और बैंगनी रंगों की खूबसूरत छटा बिखर गई। खास बात यह रही कि एक मुख्य इंद्रधनुष के साथ उसके ऊपर दूसरा हल्का इंद्रधनुष भी स्पष्ट दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों ने इसे प्रकृति का अनुपम उपहार बताया।
जगह-जगह गड्ढों एवं खेतो में भरा पानी
आलम यह था कि चितरंगी के दर्जनों गांवों में हुई बेमौसम बारिश से जहां दलहनी एवं तिलहनी समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होने का अनदेशा जताया जा रहा है और इस बेमौसम बारिश से खेतों के साथ-साथ सड़को के गड्ढों में भी पानी भर गया। वहीं बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट आई है। मौसम सुहाना हो गया है, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खिंच गई हैं। उन्हें अब इस बात की चिंता सता रही हैं कि यदि मौसम नही खुला, आसमान साफ नही हुआ तो फसले जो कट कर खेतों में रखी हैं, वे सड़ सकती हैं। इसी बात को लेकर अन्नदाताओं की परेशानियां बढ़ गई है। कई किसानों ने यहां तक कहा कि प्रदेश सरकार से सहायता की उम्मीद भी नही की जा सकती है। सरकार की यही रिपोर्ट रहेगी कि 25 प्रतिशत से कम फसले नुकसान हुई हैंं। सरकार भले ही किसानों की हिमायती बनती हो, लेकिन धरातल पर कुछ और है।
