
भिण्ड। मौसम के लगातार बदलते मिजाज के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह से सुबह तेज धूप और शाम को बारिश का दौर जारी है, जिससे खेतों में खड़ी और कटी गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है।
कल देर शाम तेज हवाओं के साथ बादल छाए और रात में बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। देर रात मौसम साफ होने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन खेतों में फसल पर इसका असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
बार-बार हो रही बारिश के कारण किसानों द्वारा काटकर खेतों में रखी गई गेहूं की फसल भीग रही है। नमी बढ़ने से बालियां काली पड़ने लगी हैं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। आज भी जिले में बादल छाए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।
इस बार वैशाख माह में सावन जैसे हालात बने हुए हैं। कभी तेज हवा, कभी बूंदाबांदी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि से हालात बिगड़ रहे हैं। पिछले सप्ताह में अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह करीब 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी गिरकर 15 डिग्री के आसपास है। नमी का स्तर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है और हवाएं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं।
मेहगांव अनुभाग के हीरापुरा गांव के किसान अमृत सिंह पटेल ने बताया कि बारिश के कारण तैयार फसल की कटाई प्रभावित हो रही है और पहले से कटी फसल भी खराब होने लगी है। उन्होंने कहा कि बालियां काली पड़ने से उत्पादन घटने और उचित दाम नहीं मिलने का खतरा है।
किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से चैत्र और वैशाख माह में इस तरह का मौसम परेशानी का कारण बन रहा है। ओलावृष्टि और बारिश से फसल को नुकसान हो रहा है, लेकिन अब तक राहत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो जिले में गेहूं उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
