
खण्डवा।मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिक निगम खण्डवा के आम निर्वाचन-2022 के दौरान चुनावी खर्च का विवरण प्रस्तुत न करने वाले **23 अभ्यर्थियों** को आगामी 5 वर्षों के लिए चुनाव लड़ने हेतु अयोग्य (निरर्हित) घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 14 “ख” के तहत प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर व्यय लेखा जमा करना अनिवार्य था। खंडवा निर्वाचन का परिणाम 17 जुलाई 2022 को आया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी इन अभ्यर्थियों ने विधि अनुसार अपना लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया।
अयोग्य घोषित होने वालों में दिनेश माली, विजय भालेराव, विकास उइके, शैलेंद्र चौहान, नवीन यादव, मोहम्मद हारून खत्री और सोनाली अग्रवाल सहित कुल 23 नाम शामिल हैं। आयोग ने इस निर्णय से पूर्व सभी विधिक प्रक्रियाओं का पालन किया। जून 2023 में कारण बताओ नोटिस जारी करने और जुलाई 2025 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई का अंतिम अवसर देने के बावजूद ये अभ्यर्थी कोई भी संतोषजनक प्रमाण पेश नहीं कर सके। अंततः आयोग ने पाया कि अभ्यर्थियों के पास इस विफलता का कोई न्यायोचित कारण नहीं है। अधिनियम की धारा 14 “ग” के तहत अब ये सभी अभ्यर्थी अगले 5 वर्षों तक पार्षद पद का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
