इंदौर: एक ओर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समय पर गैस सप्लाई और तेजी से पीएनजी कनेक्शन देने के दावे कर रहा है, तो दूसरी ओर सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज सैकड़ों शिकायतें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं. गैस सिलेंडर रिफिलिंग से उपभोक्ता परेशान नजर आ रहे हैं.इंदौर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा किए जा रहे दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है. विभाग का कहना है कि लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पीएनजी कनेक्शन तीन दिन के भीतर दिए जा रहे हैं. लेकिन सीएम हेल्पलाइन के आंकड़े इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं. सीएम हेल्पलाइन पर गैस सिलेंडर रिफिलिंग से जुड़ी लगभग 250 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं. यह आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि उपभोक्ताओं को समय पर सेवा नहीं मिल पा रही है. विभाग जहां एक तरफ अपनी उपलब्धियों को गिनाने में लगा है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली से परेशान हैं. शिकायतों की संख्या यह दर्शाती है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई, रिफिलिंग प्रक्रिया में कहीं न कहीं गंभीर खामियां हैं.
दिखावे की कार्रवाई पर सवाल
विभाग केवल गैस एजेंसियों पर सख्ती दिखाने का दावा करता है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी सीएम हेल्पलाइन पर लगातार मिल रही शिकायतों से यह साफ है कि लोगों को गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं. कई उपभोक्ताओं को रिफिलिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं.
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज 250 से अधिक शिकायतें इस बात का प्रमाण हैं कि गैस सप्लाई व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है. यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विभाग के दावे केवल कागजी साबित होते रहेंगे और आम जनता की परेशानी बढ़ती जाएगी.
