सतना :यह जानकारी किसी से छिपी नहीं है कि जिले का मझगवां क्षेत्र कुपोषण के लिए कुख्यात रहा है. जिससे सबसे अधिक प्रभावित वहां के आदिवासी ही देखने को मिलते रहे हैं. हलांकि मझगवां के तराई अंचल से गाहे-बगाहे कुपोषण के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन मामला तब कहीं और गंभीर नजर आने लगा जब कुपोषण के चलते एक बालिका की मौत की जानकारी सामने आई. यह बात और है कि बच्ची की मौत के अगले दिन तैयार हुए पंचनामे में कुपोषण से मौत होने की पुष्टि नहीं हो सकी.जिले के मझगवां क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कैमहा निवासी राजललन मवासी और श्रीमती भूरी मवासी की 1 वर्षीय बेटी भारती मवासी की कुछ दिनों पहले तबियत खराब हो गई. तेज बुखर को देखते हुए गांव के ही चिकित्सक डॉ. लाल बहादुर गर्गको दिखाया गया.
जिनके द्वारा दी गई दवा के सेवन से बच्ची को थोड़ा आराम हुआ. लेकिन रविवार को बच्ची की तबियत अचानक बिगडऩे लगी. जिसके चलते रात के लगभग 12 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया. यह देखते हुए परिजनों ने बच्ची के शव को निकट स्थित जंगल में ले जाकर दफना दिया. लेकिन घटना के अगले ही दिन इस जानकारी ने हडक़ंप मचा दिया कि बच्ची की मौत कुपोषण के चलते हुई. मामले के तूल पकड़ते ही बालिका की मौत को लेकर पंचनामा तैयार करने की कवायद शुरु हो गई.
इसी कड़ी में कुछ देर बाद पंचनामा भी सामने आ गया. जिसके अनुसार बालिका के जन्म से लेकर अब तक न तो कोई बीमारी थी और न ही कुपोषण. बालिका का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां में 15 अप्रैल 2025 को हुआ था. उस दौरान उसका वजन 2.2 किलो था. इतना ही नहीं बल्कि बालिका का समय समय पर टीकाकरण भी हुआ था. इसी कड़ी में पीसीडीएस कार्यकत्र्ता द्वारा जून 25, अक्टूबर 25 और मार्च 26 में बालिका की जांच भी की गई थी. जिसके अनुसार बच्ची कुपोषण ग्रेड में नहीं थी. उक्त मवासी परिवार काम काज के सिलसिले में पन्ना जिले के मतकी गांव में भी जाकर निवास करता था. इस बार होली के समय परिवार वापस कैमहा आया था और तब से यहीं पर रह रहा था.
नहीं खुलता उप स्वास्थ्य केंद्रमझगवां तहसील अंतर्गत मतहैन ग्राम पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र भी बना हुआ है. लेकिन आस पास के ग्रामीणों के अनुसार न तो उक्त कार्यालय का ताला खुलता है और न ही वहां पर पदस्थ कोई कर्मचारी ही नजर आते हैं. नतीजतन वहां के ग्रामीणों को उक्त उप स्वास्थ्य केंद्र से उपचार की किसी तरह की सुविधा भी नहीं मिल पाती है. ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार घर बैठकर वेतन ले रहे हैं. इसी कड़ी में ग्रामीणों ने यह जानकारी भी दी कि सोमवार को एसडीएम मझगवां महिपाल गुर्जर मतहैन उप स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गए. वहां की स्थिति और ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर एसडीएम द्वारा वहां के सुपरवाइजर को निलंबित करने के मौखिक आदेश दे दिए गए.
