असम में सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार और विकास की कमी, खरगे ने केंद्र-राज्य सरकार पर लगाया आरोप

नयी दिल्ली (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र एवं असम सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में सांप्रदायिकता फैलाने का काम हो रहा है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जनता को “सब कुछ ठीक” बताकर भ्रमित कर रहे हैं।

श्री खरगे ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा कि घुसपैठ का मुद्दा केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 2005 से 2013 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने 88,792 अवैध प्रवासियों को देश से निकाला, जबकि 2014 से 2019 के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दौरान यह संख्या घटकर 2,566 रह गई। बराक घाटी के दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बराक घाटी और कछार क्षेत्र की लंबे समय से उपेक्षा हो रही है। सिलचर में अधूरे फ्लाईओवर, रुके हुए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और खराब ड्रेनेज सिस्टम का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है।

श्री खरगे ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस क्षेत्र को “शांति का द्वीप” कहा था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने बाढ़ एवं कटाव की समस्या पर भी सरकार को घेरा और कहा कि हर साल आने वाली आपदा का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने असम समझौते के क्रियान्वयन, बाढ़ मुक्त राज्य और विभिन्न समुदायों को एसटी दर्जा देने जैसे वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने गुवाहाटी एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कछार और बराक घाटी के लोग सुरक्षा, विकास और सम्मान के हकदार हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।

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