नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की चमक लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम खरीदारों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। 5 अप्रैल 2026 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,51,080 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले ₹3,666 की बड़ी बढ़त दर्शाता है। वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग के कारण दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कीमतों में निरंतर तेजी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड 4,591.52 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों में कीमतों के उछाल के रूप में दिखाई दे रहा है।
चांदी की कीमतों में भी पिछले कुछ दिनों के दौरान लगभग ₹6,000 की मजबूती दर्ज की गई है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, एक किलो चांदी का भाव ₹2.28 लाख से बढ़कर अब ₹2.50 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, यह अभी भी अपने पिछले रिकॉर्ड हाई से लगभग ₹2 लाख सस्ती मिल रही है, लेकिन हालिया साप्ताहिक बढ़त ने निवेशकों को चौकन्ना कर दिया है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद अब चांदी की कीमतें स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्पॉट प्राइस 69.57 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है।
सोने-चांदी की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे सरकार का एक बड़ा फैसला भी माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) श्रेणी में डाल दिया है। इस नीतिगत बदलाव के कारण भविष्य में सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे बाजार में गहनों की उपलब्धता कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर इन नई पाबंदियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव के चलते आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में और भी अधिक उछाल देखने को मिल सकता है।

