एचडीएफसी लाइफ के कार्यकारी निदेशक और सीएफओ, नीरज शाह के जवाब

  • सवाल: क्या आईआरडीएआई के साथ 2047 तक “सबके लिए बीमा” के लक्ष्य के साथ, एचडीएफसी लाइफ ने अपने मुख्य क्षेत्रों में यूनिवर्सल कवरेज हासिल करने के लिए कोई लक्ष्य वर्ष तय किया है?

जवाब: एचडीएफसी लाइफ इस सामूहिक लक्ष्य में सार्थक और आकलन योग्य योगदान देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।। रणनीतिक रूप से, हम अपनी ग्राहक पेशकशों को बढ़ाने और अपनी पहुंच के दायरे को विस्तार देने के लिए अहम निवेश करना जारी रखेंगे।। हमने पिछले 24 महीनों में 200 से अधिक नई शाखाएं प्रारंभ की। एजेंटों की टीम को मजबूत किया। गहरी साझेदारियां बनाई। इससे हम टियर 1 शहरों और वेतनभोगी ग्राहक वर्ग से आगे बढ़कर हम कम बीमा पहुंच वाले बाजारों में उनके अनुसार समाधानों के साथ पहुंच बढ़ाने में सफल रहे।

पिछले कुछ वर्षों में, गैर मेट्रो सिटी खासतौर पर टियर 2 व 3 में वृद्धि दर मेट्रो शहरों की तुलना में काफी अधिक रही। हमारे कुल प्रीमियम में इन बाजारों का योगदान दो तिहाई रहा। हम यह मानते हैं कि सभी भारतीय राज्यों में समृद्धि का स्तर अलग-अलग है। यह प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अंतर से साफ नजर आता है। यह बात बीमा के प्रति जागरूकता और बीमा कवर लेने की दर को प्रभावित करता है। हमारा वितरण नेटवर्क अच्छी विविधता वाला है। हमने देखा है कि अधिक संपन्न क्षेत्रों में कवर की मांग भी अधिक होती है। इस जमीनी सच्चाई के बाद भी हम अपनी पहुंच का दायरा बढ़ने और सभी तरह की आय वाले ग्राहक वर्ग को उनकी जरूरत के अनुसार बीमा सॉल्यूशन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उदाहरण के लिए, हम सबसे कम आय वाले तबके तक पहुंच बढ़ाने के लिए पीएमजेजेबीआई और सरल जीवन बीमा जैसे मानकीकृत, सस्ते उत्पाद पेश करते हैं। हम अपने ग्रुप क्रेडिट प्रोटेक्ट उत्पादों के माध्यम से ऋण से जुड़े प्रोटेक्शन सॉल्यूशन भी प्रदान करते हैं।

ग्राहकों की अलग-अलग प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए, हमने रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम टर्म सेगमेंट में विस्तार किया है। यह विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 बाजारों में उन ग्राहकों के लिए आकर्षक है जो जीवन बीमा के साथ कुछ फायदा भी चाहते हैं। इसके अतिरिक्त, हमने प्रोटेक्शन के साथ बचत समाधान पेश किए हैं। यह उन ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करते हैं जो जीवन बीमा की कवर के साथ धन भी सृजित करना चाहते हैं।

बीमा नियामक ने हाल ही में, नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए अनिवार्य पॉलिसी कर्ज सुविधा, विस्तारित फ्री लुक अवधि, मजबूत शिकायत निवारण प्रक्रियाएं और ‘यूज एंड फाइल’ प्रॉडक्ट एक्सचेंज जैसे कदम उठाए। हमारी कंपनी – सार्वभौमिक कवरेज के दृष्टिकोण का पूरी तरह से समर्थन करती है। हम प्रोटेक्शन अंतर को पाटने और पूरे देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने के इन सुधारों का लाभ उठाने के लिए अपनी नवाचार क्षमता और अनुशासित जोखिम प्रबंधन को जोड़ रहे हैं।

  • वित्त वर्ष 25 में आपका व्यक्तिगत एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (एपीई)18% था। वैल्यू ऑफ बिजनेस इंबेडेड (वीएनबी) 13% बढ़ा, जिसमें वीएनबी मार्जिन 26.5% रहा। वित्त वर्ष 25-26 के लिए वीएनबी मार्जिन, एयूएम वृद्धि और बाजार हिस्सेदारी के लिए आपकी क्या उम्मीदें हैं ? ऊंची ग्रोथ के लिए सबसे अहम कारक क्या होगा ?

हम अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक स्थिर नियामक परिवेश में भी पूरे बीमा उद्योग से ज्यादा गति से विकास करना। भारत के शीर्ष तीन जीवन बीमा कंपनियों में अपनी जगह बनाए रखना। हमने पिछले नौ सालों (कोविड काल को छोड़कर) में लगातार सकारात्मक और स्थिर ऑपरेटिंग परिणाम दिए। यह हमारे विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन और अनुशासित कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं। हमने हर 4-4.5 साल के ब्लॉक में अपने प्रमुख प्रदर्शन मेट्रिक्स को दोगुना किया है, और हम विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टेरिफ वार, ग्लोबल तनाव और विभिन्न बाजारों में अलग-अलग विकास दर जैसी तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी वित्त वर्ष 26 की शुरुआत स्थिर रही है। बाहरी माहौल भले ही हलचल दिख रहीं हैं।, लेकिन हमारे फंडामेंटल मजबूत हैं। इसकी वजह है हमारा बैलेंस्ड प्रॉडक्ट मिक्स, विविधतापूर्ण वितरण नेटवर्क और नवाचार पर लगातार ध्यान देने की नीति। हमारा लक्ष्य पूरे बीमा उद्योग से तेज़ गति से आगे बढ़ना है। हालांकि, बदलते प्रॉडक्ट मिक्स से मार्जिन बढ़ सकता है, लेकिन हम लंबी अवधि में क्षमताओं को मजबूत करने के लिए वितरण और प्रौद्योगिकी में निवेश पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस रणनीतिक निर्णय के कारण अल्पकालिक में मार्जिन स्थिर रह सकते हैं। लेकिन यह हमें भविष्य में टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए बेहतर स्थिति में लाएगा।

  • अगले 24 महीनों में आप एआई, ऑटोमेशन और इंश्योरटेक साझेदारियों में कितना निवेश करने की योजना बना रहे हैं ? इससे किन क्षेत्रों में आपकी टॉप लाइन पर सबसे ज्यादा असर होगा?

हम अपने टेक सिस्टम को पूरी तरह से बदलने के लिए एक बहु-वर्षीय परियोजना पर काम कर रहे हैं। जिसका नाम इंस्पायर (इंटलीजेंट सिस्टम्स एंड प्लेटफॉर्म फॉर इंश्योरेंस रीइमेजिनेशन) है। इसका मुख्य लक्ष्य ग्राहकों और साझेदारों के अनुभव को बेहतर बनाना और बाज़ार में तेज़ी से नए उत्पाद लाना है।इस प्रोजेक्ट के तहत, हम एआई, ऑटोमेशन और इंश्योरटेक साझेदारियों में बड़ा निवेश कर रहे हैं। हमारा ध्यान मुख्य रूप से ग्राहक अनुभव को बेहतर करने, कामकाज की दक्षता सुधारने और बिज़नेस को आगे बढ़ाने पर है। निवेश के तीन प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं:

बिक्री-पूर्व और बिक्री प्रक्रिया को मजबूत बनाना: हम ग्राहकों की ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया को और पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं। इससे जोखिम का आकलन बेहतर होगा। व्यापार की गुणवत्ता में भी सुधरेगी।

जोखिम मूल्यांकन और अंडरराइटिंग: एआई-आधारित स्मार्ट अंडरराइटिंग टूल्स हमें जोखिम और धोखाधड़ी का अधिक सटीकता से पता लगाने में मदद कर रहे हैं। इससे में काम में तेजी आती है। इसके अलावा, हम लाइफ सर्टिफिकेट के लिए भी एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे एन्युटी का भुगतान समय पर हो सकेगा।

ग्राहक सेवा: एआई की मदद से हम जटिल सवालों का जवाब जल्दी दे पा रहे हैं। दावा निपटान प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन रही है।हम एक और ज़्यादा चुस्त और स्मार्ट कंपनी बनने के लिए अपनी सभी मुख्य प्रक्रियाओं में जेनरेटिव एआई (जेनएआई) को भी शामिल कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इसका सबसे ज़्यादा सकारात्मक असर एआई-सक्षम पॉलिसी जारी करने, जेनएआई के माध्यम से बेहतर उत्पाद ज्ञान और क्रॉस-सेल तथा अप-सेल के लिए स्मार्ट मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।

  • क्या आपको लगता है कि अगले पांच साल में आपके नए बिजनेस प्रीमियम में छोटे शहरों की हिस्सेदारी 50% हो जाएगी? इन बाजारों में मुनाफे में बने रहने के लिए आपकी रणनीति क्या है?

नए बिजनेस प्रीमियम में पहले से ही टियर-2 और टियर-3 शहर दो तिहाई योगदान दे रहे हैं। इसलिए हम इन क्षेत्रों को अगले एक दशक का विकास का मुख्य इंजन मानते हैं। हमारी रणनीति उत्पादों को बाज़ार की ज़रूरत के हिसाब से ढालने और गुणवत्ता में लगातार सुधार करने पर केंद्रित है, ताकि हमारा पूरा पोर्टफोलियो फायदे में बना रहे।

हमारा ‘पूर्वानुमानित दृढ़ता मॉडल’ (predictive persistency model) उन पॉलिसियों की जल्दी पहचान कर लेता है, जिनमें जोखिम ज़्यादा होता है। इससे हम समय रहते उन ग्राहकों से जुड़ पाते हैं। उन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए उपयुक्त समाधान दे पाते हैं। इसके अलावा, हम पूर्वानुमानित मॉडलों का उपयोग करके पॉलिसी के प्रकार, मध्यस्थ या क्षेत्र के आधार पर बढ़े हुए जोखिम से जुड़े पैटर्न का पता लगाते हैं। यह सक्रिय जोखिम प्रबंधन हमें क्लैम के अनुभव को बेहतर बनाने, धोखाधड़ी को रोकने और असली पॉलिसीधारकों के लिए समय पर क्लैम सेटलमेंट सुनिश्चित करने में मदद करता है। इस तरह, हम मार्जिन की सुरक्षा करते हुए ग्राहकों का विश्वास भी मज़बूत कर पाते हैं।

  • डिजिटल-फर्स्ट बीमा कंपनियों के आक्रामक प्रवेश से, अगले तीन सालों में एचडीएफसी लाइफ की बाज़ार हिस्सेदारी के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है ? आप अपनी अग्रता कैसे बनाए रखेंगे ?

एचडीएफसी लाइफ में हमारा ध्यान ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने और ग्राहक की बदलती उम्मीदों को पूरा करने और उभरते खतरों के इस तेजी से बदलते माहौल में जोखिमों के प्रबंधन के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग पर है। हमारी कंपनी का बड़ा आकार, ब्रांड की विश्वसनीयता, कई वितरण माध्यमों का नेटवर्क और डिजिटल क्षमता हमें अपने ग्राहकों की सेवा करने और एक टिकाऊ व्यवसाय बनाने में सक्षम बनाती है।

हमारा प्रोजेक्ट इंस्पायर, जिसके बारे में पहले भी बताया गया है, एक बड़ा तकनीकी बदलाव है। इसका लक्ष्य अगली पीढ़ी के उद्यम और डेटा आर्किटेक्चर का निर्माण करना है। यह पहल बाजार में हमारी पहुंच को और तेज़ करेगी। ग्राहक अनुभव को बेहतर करेगी। हम ग्राहक की यात्रा के हर चरण में एआई, ऑटोमेशन और उन्नत एनालिटिक्स को शामिल कर रहे है; चाहे वह व्यक्तिगत ऑन-बोर्डिंग हो, अंडरराइटिंग हो, सर्विस हों या क्लैम हों। हम अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। पिछले दो सालों में खोली गई हमारी 200 से ज़्यादा नई शाखाएं, मज़बूत एजेंट नेटवर्क और गहरी साझेदारियां हमें महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी सेवा देने में सक्षम बनाती हैं।

हमें विश्वास है कि हमारे ब्रांड पर ग्राहकों का भरोसा, हमारी व्यापक पहुँच, तेज़ी से काम करने की क्षमता और डिजिटल विशेषज्ञता हमें ग्राहकों की लगातार बदलती उम्मीदों को पूरा करने और बाज़ार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद करेगी।.

  • क्या एचडीएफसी लाइफ अधिग्रहण की संभावनाएं तलाश रहा है, खासतौर पर इंश्योरटेक स्टार्टअप और छोटी बीमा कंपनियों का। इनके जरिए कंपनी ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ना चाहती है। इनार्गेनिक ग्रोथ के लिए कंपनी ने कितनी पूंजी रखी है ?

एचडीएफसी लाइफ ने बीमा क्षेत्र में अपना पहला अधिग्रहण (एमएंडए ) एग्साइड लाइफ को खरीदकर सफलतापूर्वक पूरा किया। यह सौदा 14 महीनों से भी कम समय में पूरा हुआ। कंपनी के लिए काफी फायदेमंद रहा। इस अधिग्रहण से एजेंसी चैनल की हिस्सेदारी 14% से बढ़कर 18% हो गई। टियर-2 और टियर-3 बाज़ारों में हमारी पैठ बढ़ी।

हमारा मानना है कि जीवन बीमा क्षेत्र में आर्गेनिक ग्रोथ (आंतरिक वृद्धि) की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके अलावा आईआरडीएआई ने नए खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम पूंजी की ज़रूरतों में ढील दी है। सरकार एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) सीमा भी बढ़ाने पर विचार कर रही है। ये कदम अलग-अलग बिज़नेस मॉडल को बढ़ावा देंगे। नवाचार को प्रोत्साहित मिलेगा। कंपोजिट लाइसेंस (एक ही लाइसेंस से जीवन और गैर-जीवन बीमा बेचने की अनुमति) मिलने से भी बीमा कंपनियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। विलय-अधिग्रहण में तेजी आएगी। हम अपनी आंतरिक वृद्धि को और मजबूत करने के लिए बाहरी अवसरों यानी विलय और अधिग्रहण के अवसरों भी तलाश रहे हैं।

  • आईआरडीएआई अब प्रॉडक्ट को मंजूरी देने के काम में तेजी ला रहा है, सॉल्वेंसी अनिवार्यताओं को घटाया जा रहा है। क्या आप मानते हैं कि इन कदमों से इस पूरे सेक्टर के स्थायित्व और मुनाफे के लिए कोई अदृश्य जोखिम बन रही है?

बीमा नियामक आईआरडीएआई ने पिछले कुछ सालों में बीमा की पहुंच बढ़ाने, ग्राहकों के हितों की रक्षा और व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। ‘यूज़ एंड फाइल’ जैसे नियमों और वैरिएबल एन्युइटी जैसे नए उत्पादों की शुरुआत से बाज़ार में नए उत्पाद तेज़ी से लाए जा सके हैं। नवाचार को बढ़ावा मिला है। जोखिम-आधारित पूंजी (आरबीसी) के नए फ्रेमवर्क से बीमा कंपनियों की पूंजी की ज़रूरतें उनके जोखिम के हिसाब से तय होंगी। इससे विकास और पूँजी का सही उपयोग संभव होगा।

हमें विश्वास है कि जिन बीमा कंपनियों के पास मज़बूत जोखिम प्रबंधन ढांचा, संतुलित प्रॉडक्ट मिक्स और एक विविधता वाला वितरण मॉडल है। वे इस विशाल बाज़ार के अवसरों का टिकाऊ और प्रभावी तरीके से दोहन करेंगे।

  • अब ऋतु परिवर्तन अब पॉलिसी रणनीति/वैल्यू के निर्धारण को कितना बदल रहा है?

एचडीएफसी लाइफ में, हम लगातार अपने जोखिम और वैल्यूएशन के तरीकों को और बेहतर बना रहे हैं, ताकि नए तरह की बीमारियों और मृत्यु दर के रुझानों का भलिभांति आकलन किया जा सके। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हमारे उत्पाद टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बने रहें। हम एक डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाते हैं। अपने खुद के दावों के अनुभव, उद्योग के डेटा और बाहरी रिसर्च का उपयोग करते हुए उभरते जोखिमों के लिए सही अनुमान लगाते हैं और उचित मूल्यांकन करते हैं।

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव:

ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण का जीवन बीमा पर क्या असर होगा, इस पर अभी भी शोध चल रहा है, लेकिन अंडरराइटिंग (बीमा मंजूर करने) और निवेश के फैसलों पर इनका संभावित असर साफ है।

समय के साथ क्षेत्रीय मृत्यु दर के रुझानों का विश्लेषण हमें अलग-अलग क्षेत्रों में जोखिम का आकलन करने में मदद करता है। जिससे हम सही अंडरराइटिंग और मूल्य निर्धारण कर पाते हैं।

री इंश्योरेंस कंपनियों के साथ हमारी साझेदारी हमें अपनी बैलेंस शीट के आकार के हिसाब से जोखिम साझा करने में सक्षम बनाती है।

यह बहुआयामी दृष्टिकोण हमें अपनी बैलेंस शीट की रक्षा करने, बाज़ार की अस्थिरता का मुकाबला करने और बदलते जोखिम भरे माहौल में भी ग्राहकों को उचित मूल्य देना जारी रखने में मदद करता है

  • ऐसे कौन से कारक हैं जो लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को प्रभावित करने और उसमें बदलाव लाने का काम कर रहे हैं ?

जीवन बीमा उद्योग को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

1. वैश्विक आर्थिक हालात

आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी उतार-चढ़ाव है। भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़ी घटनाएँ अनिश्चितता पैदा कर रही हैं। एक बड़े वित्तीय तंत्र का हिस्सा होने के नाते, जीवन बीमा क्षेत्र भी इन बदलावों से अछूता नहीं है। ये कारक निवेशकों की सोच, कैश फ्लो और कुल विकास की गति को प्रभावित करते हैं।

2. घरेलू बचत के रुझान

जीवन बीमा, घरेलू बचत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए, देश में बचत के रुझानों चाहे वह नकदी की बचत हो या परिसंपत्तियों की, पर नज़र रखना बहुत ज़रूरी है। इन रुझानों का उद्योग की दीर्घकालिक वृद्धि पर सीधा असर पड़ता है।

3. कड़ी प्रतिस्पर्धा

कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में कीमतों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। जहां कुछ कंपनियां ऐसी रणनीति अपना रही हैं, जो हमें लगता है कि टिकाऊ नहीं हैं। यह प्रतिस्पर्धा मुनाफे पर दबाव डाल सकती है।

  • एक ऐसे उद्योग में जो तेज़ी से बढ़ रहा है और साथ ही उस पर रेगुलेशन सख्त हों, एक सीएफओ (मुख्य वित्तीय अधिकारी) के रूप में जोखिम लेने का आपका क्या तरीका है?

एचडीएफसी लाइफ में हम चीजों को सरल रखना पसंद करते हैं। हमारा ध्यान टिकाऊ और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने और सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन करने पर है। हम जोखिम प्रबंधन के लिए एक अनुशासित दृष्टिकोण बनाए रखते हुए भी नवाचार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें ग्राहक-केंद्रित अभिनव समाधान, भौतिक और डिजिटल संपत्तियों में निरंतर निवेश, और जोखिम का सही आकलन और मूल्य निर्धारण शामिल है।

  • यदि आपको अपनी नेतृत्व शैली को अगली पीढ़ी के वित्तीय नेताओं के लिए एक पंक्ति में समझाना हो, तो वह क्या होगी?

सभी हितधारक मूल्य प्रदान करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले टिकाऊ विकास का पीछा करें। इसके लिए ग्राहक पर ध्यान केंद्रित करना, विकास के लिए निवेश करना, दक्षता बढ़ाना, टिकाऊ लाभ कमाना और जोखिमों को सही ढंग से प्रबंधित करना ज़रूरी है।

 

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