सतना :सिविल लाइन थाना अंतर्गत शहर की विराट नगर कालोनी में 3 महीने पहले हुई बड़ी चोरी के मामले में न सिर्फ पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं बल्कि जांच कार्रवाई में भी किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है. आलम यह है कि पीडि़त परिवार आईजी से लेकर एसपी से कई बार निवेदन कर चुका है. लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद भी पुलिस का लचर रवैया बरकरार है.विराट नगर कालोनी निवासी स्नेहिल सिंह सोलंकी के अनुसार 5 जनवरी को उनके घर में चोरी की घटना हुई थी.
जिसमें लगभग 30-35 लाख की कीमत के आभूषण चोरी हो गए थे. घटना की एफआईआर सिविल लाइन थाने में भी दर्ज करा दी गई. लेकिन इसके बावजूद भी घटना के 3 महीने बाद पुलिस अब तक किसी नतीजे पर पहीं पहुंच सकी है. स्नेहिल के अनुसार पुलिस की लचर कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर ही कई स्थानों के सीसीटवी फुटेज एकत्र किए और उनका विश£ेषण करते हुए संदिग्धों से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा की. इसके साथ ही पुलिस को संदिग्धों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए. पुलिस पुलिस ने केवल एक नंबर की रिपोर्ट ही दिखाई, जबकि दूसरे नंबर की जांच तक नहीं की.
स्नेहिल के अनुसार जिन संदिग्धों की जानकारी पुलिस के साथ साझा की गई उनके फिंगर प्रिंट लिए जाने के दौरान वे न सिर्फ घबराए हुए थे बल्कि अपने बयान भी बार बार बदल रहे थे. लेकिन उस पहलू को भी गंभीरता से नहीं लिया गया. पुलिस की इस कार्यशैली से व्यथित हो उन्होंने न सिर्फ पुलिस अधीक्षक सतना से मिलकर कई बार लिखित निवेदन किया. बल्कि इस मामले को लेकर वे 2 बार पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन से भी शिकायत कर चुके हैं. आईजी द्वारा उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए मातहत अमले को दिशा निर्देश भी दिए गए. लेकिन इसके बावजूद भी सिविल लाइन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसी कड़ी में सिविल लाइन थाना प्रभारी की जांच पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग भी आईजी से की गई है.
