मुंबई 04 मई (वार्ता) मुंबई की एक अदालत ने 1993 मुंबई सीरियल बम विस्फोट के आरोपी मोहम्मद फारूक यासीन मंसूर उर्फ फारूक टकला को किसी और की पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में पांच साल की सजा सुनायी है।
एक वकील ने रविवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर डी चव्हाण ने शनिवार को अपने आदेश में कहा, “रिकॉर्ड में मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों से पता चलता है कि आरोपी मोहम्मद फारूक यासीन मंसूर उर्फ फारूक टकला ने मुस्ताक मोहम्मद मिया नाम का इस्तेमाल करके पासपोर्ट और पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था, जो उसका असली नाम नहीं है। पासपोर्ट आवेदन और पासपोर्ट में गलत विवरण, गलत जानकारी और जाली हस्ताक्षर हैं। इससे पता चलता है कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाकर और गलत जानकारी देकर पासपोर्ट हासिल किया और उसका नवीनीकरण भी करवाया।”
मंसूर 2018 से जेल में है और उसे सजा भुगतनी होगी क्योंकि वह पहले ही विचाराधीन कैदी के तौर पर पांच साल से अधिक समय जेल में बिता चुका है। संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (टाडा) अधिनियम के तहत 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है।उसे 1995 में फरार आरोपी घोषित किया गया था क्योंकि धमाकों में साजिशकर्ता के तौर पर नामजद किए जाने के बाद से वह लापता था।
