नई गाइडलाइन के पेच में फंसी चना खरीदी, स्लॉट बुकिंग के बाद भी किसान परेशान

सीहोर। जिले में 30 मार्च से प्रस्तावित चना खरीदी इस बार नई गाइडलाइन और बदले सिस्टम के कारण अटक गई है. प्रशासन द्वारा 7 खरीदी केंद्र तय किए जाने और किसानों के स्लॉट बुक होने के बावजूद खरीदी शुरू नहीं हो सकी है. बताया जा रहा है कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर चना खरीदी नए और डिजिटल सिस्टम के तहत की जाएगी, जिसके चलते प्रक्रिया में देरी हो रही है.

इस बार गोदाम स्तर पर खरीदी व्यवस्था को समाप्त कर मंडियों के माध्यम से ही खरीदी करने का निर्णय लिया गया है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत जारी नई गाइडलाइन में खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, बायोमेट्रिक आधारित और निगरानी में रखा गया है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की भूमिका खत्म की जा सके. नई व्यवस्था के अनुसार किसानों की पहचान अब आधार-सक्षम पीओएस मशीन या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ही होगी. पहले इस्तेमाल होने वाला ओटीपी आधारित सत्यापन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. हालांकि जिले में अभी भी केंद्र स्तर पर खरीदी की तैयारी चल रही है और 10 नए केंद्र खोलने पर भी विचार किया जा रहा है. इस वर्ष चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. जिले में लगभग 11 हजार किसानों ने चना बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जबकि करीब 3.5 हजार किसानों ने मसूर के लिए पंजीयन करवाया है।

सरकार ने किसान उत्पादक संगठन और किसान उत्पादक कंपनियों को भी खरीदी में शामिल करने की अनुमति दी है. हालांकि इसके लिए सख्त शर्तें तय की गई हैं. संबंधित संगठन केवल एक ही खरीदी केंद्र संचालित कर सकेगा, उसके पास कम से कम 300 सदस्य होना अनिवार्य होगा और वह केवल उसी क्षेत्र में खरीदी कर सकेगा जहां उसके सदस्य मौजूद हैं.

बायोमेट्रिक से किसान का प्रमाणीकरण

नई गाइडलाइन के तहत किसान की पहचान खरीदी केंद्र पर आधार आधारित पीओएस मशीन या मोबाइल एप से चेहरे के प्रमाणीकरण द्वारा की जाएगी. यदि किसान स्वयं उपस्थित नहीं हो पाता है, तो उसे अधिकृत तीन व्यक्तियों के नाम और आधार नंबर देना होंगे. उन व्यक्तियों का भी फेस वेरिफिकेशन किया जाएगा और भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जाएगा. पट्टेदार और किरायेदार किसान भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर इस योजना का लाभ ले सकेंगे.

केन्द्र पर प्रत्येक बोरी पर लगेगा क्यूआरकोड

कृषि विभाग एके उपाध्याय के मुताबिक खरीदी के बाद प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसमें किसान और उसकी उपज से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज होगी. बावजूद इसके, खरीदी कब से शुरू होगी, इसको लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है. इस बीच गेहूं खरीदी भी आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है.

 

 

 

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