शहर में फैला ठगी का जाल, 16 लोगों को लगाई 52 लाख से ज्यादा की चपत

इंदौर:शहर में पिछले दिनों साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है. अलग अलग थाना क्षेत्रों में 16 लोगों को निशाना बनाकर बदमाशों ने 52 लाख से ज्यादा की रकम ठग ली. बदमाश हर बार नया तरीका अपनाकर लोगों को फंसा रहे हैं. कहीं मोबाइल हैक कर बैंक खातों से रकम निकाल ली गई, तो कहीं मोबाइल अपडेट और लिंक भेजकर फोन पर कब्जा कर लिया. कई मामलों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शेयर बाजार और ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया गया, शुरुआत में थोड़ा फायदा दिखाकर बाद में लाखों रुपए फंसा दिए.

पुलिस के मुताबिक तिलक नगर में रहने वाले अमन अग्रवाल से पहचान बदलकर 1.98 लाख रुपए ठग लिए. विजयनगर में विजय रिछारिया को ऑनलाइन झांसे में लेकर 3.29 लाख रुपए हड़प लिए. भंवरकुआं में बसंत परतेती से 3.84 लाख और अमोद साहु से 10 लाख रुपए ठगी की गई. जूनी इंदौर में राहुल अशपालिया से कपड़ों का सौदा कर 1.80 लाख रुपए ले लिए गए, लेकिन माल नहीं भेजा. राजेंद्र नगर में कपिल पटेल से मोबाइल अपडेट के नाम पर 3 लाख रुपए हड़पे, आनंद सागर से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश के नाम पर 94 हजार और अमित व्यास से इसी तरह करीब 4 लाख रुपए ठग लिए.

लसूड़िया में सुनील परमार से ट्रेडिंग ऐप के जरिए 1.90 लाख और संदीप गुप्ता से मोबाइल हैक कर 1.97 लाख रुपए निकाले गए. एरोड्रम में अशोक गुप्ता से कोरियर के नाम पर 10.42 लाख और रवि प्रजापत से मोबाइल हैक कर 2.47 लाख रुपए उड़ा दिए. बाणगंगा में नरेंद्र चौहान से मोबाइल हैक कर 1.65 लाख और भाईराम पटेल से ऑनलाइन 1.30 लाख रुपए ठगे. एमआईजी क्षेत्र में तरुण भाटी के क्रिप्टो वॉलेट से करीब 1.80 लाख रुपए निकाल लिए गए, जबकि मल्हारगंज में सुजान सांत्रा से 1.96 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई. एडीसीपी क्राईम राजेश दंडोतिया का कहना है कि ठग मोबाइल हैकिंग, फर्जी लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप, निवेश, कोरियर और सौदेबाजी जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं. सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. पुलिस हर बार एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती हैं, बावजूद इसके लालच में आकर लोग ठगी का शिकार हो रहे है.
हजारों खाते किए फ्रीज, लौटाए 1.87 करोड़…
एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वर्ष 2026 में क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को 1 करोड़ 87 लाख 47 हजार 605 रुपए वापस दिलाए हैं. मार्च माह में ही करीब 2600 शिकायतें सामने आईं, जिनमें कई पर तुरंत कार्रवाई की गई.जांच टीमों ने ऑनलाइन ठगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए हजारों फर्जी बैंक खातों को फ्रीज किया है. इसके साथ ही 180 से अधिक हैक हुए सोशल मीडिया खाते फिर से चालू कराए गए, जबकि 200 से ज्यादा फर्जी प्रोफाइल, जो लोगों के नाम और फोटो से बनाए गए थे, उन्हें बंद कराया. माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 36 लाख 46 हजार 49 रुपए, फरवरी में 91 लाख 95 हजार 726 रुपए और मार्च में 59 लाख 5 हजार 830 रुपये पीड़ितों को वापस कराए.

दंडोतिया के मुताबिक विभिन्न जांचों में सामने आया कि ठगी के ज्यादातर मामले निवेश, ट्रेडिंग और कार्य आधारित लालच से जुड़े थे. इसके अलावा बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी अपडेट, रिवॉर्ड और क्रेडिट सीमा बढ़ाने के नाम पर लोगों को ठगा गया है. कई मामलों में आरोपियों ने परिचित बनकर भावनात्मक तरीके से भी रकम ऐंठी. क्राइम ब्रांच ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए, आपके माध्यम से पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और सतर्क रहकर ही ऑनलाइन लेनदेन करें।

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