जबलपुर: बेलबाग थाना अंतर्गत भानतलैया में दहेज लोभियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को कमरे में बंधक बनाकर रखा जिसके चलते सही देखभाल और पोषण न मिलने से वह पैरालाइज्ड (लकवाग्रस्त) हो गई है। पुलिस ने पति, सास, ससुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।पुलिस ने बताया कि भानतलैया निवासी 23 वर्षीय सानिया अली का विवाह दिसंबर 2023 में मुस्लिम रीति-रिवाज से फैसल खान के साथ हुआ था। सानिया के पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार निकाह में 2 लाख रुपये नकद, एक्टिवा, फर्नीचर, सोने का हार (3 तोला), चांदी के जेवर और दामाद को सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप दी थी। निकाह के कुछ समय तक सब ठीक रहा, बाद में पति फैसल, सास मैसर खान और ससुर फिरोज खान ने 2 लाख रुपये को कम बताते हुए और पैसों व टीवी की मांग शुरू कर दी।
जेवर गिरवी रखे, पिता को अपमानित कर घर से निकाला
शिकायत में बताया गया कि मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने सानिया के मायके से मिले जेवर गिरवी रख दिए और अपने पक्ष से मिले गहने बेच दिए। हद तो तब हो गई जब 29 नवंबर 2025 को सानिया ने बेटे (फैज) को जन्म दिया। मुंडन संस्कार के समय पति और सास-ससुर ने सोने की चेन और पूरे परिवार के लिए ब्रांडेड कपड़ों की मांग की। सानिया के पिता ने सामर्थ्य अनुसार कपड़े और बच्चे को अंगूठी दी, लेकिन सोने की चेन न दे पाने पर उन्हें अपमानित कर घर से निकाल दिया गया।
बेटे के साथ कमरे में किया कैद,10 लाख की मांग पर अड़े
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद पति फैसल उसे छोड़कर चला गया और सास-ससुर ने उसे नवजात बच्चे के साथ कमरे में बंद कर दिया। उसे केवल दरवाजा खोलकर खाना दे दिया जाता था। उचित खान-पान और इलाज न मिलने के कारण सानिया की स्थिति बिगड़ती गई और वह पैरालाइज्ड हो गई। इस बीच कई बार सामाजिक स्तर पर समझौते के प्रयास हुए, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी आदतों से बाज नहीं आया। 1 जनवरी 2026 को सानिया के पिता उसे ससुराल से वापस ले आए और उसका इलाज शुरू कराया। अब ससुराल पक्ष का कहना है कि यदि 10 लाख रुपये लेकर आओगी, तभी तुम्हें घर में रखेंगे। इसके बाद अब पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है
