कोविड के बाद इन्दौर में अंगदान को मिली नई गति

इन्दौर: इन्दौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के अध्यक्ष एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर अंगदान व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों, आई बैंक और स्किन बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अंगदान के प्रसार और बेहतर क्रियान्वयन के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की गई.
बैठक में बताया गया कि कोविड महामारी के बाद इन्दौर संभाग में अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. इससे अनेक मरीजों को नया जीवन और स्वास्थ्य लाभ मिला है. वर्तमान में संभाग में 13 चिकित्सा संस्थानों को अंग प्रत्यारोपण की अनुमति मिली है, जिनमें से 11 संस्थान सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. प्रमुख संस्थानों में राजश्री अपोलो हॉस्पिटल, चोईथराम हॉस्पिटल और जुपिटर हॉस्पिटल अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं.

अंगदान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
इन्दौर की ऑर्गन अलोकेशन कमेटी के अनुसार वर्ष 2019 में कुल 77 अंगदान (74 किडनी, 3 लीवर) हुए थे. वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 202 (181 किडनी, 21 लीवर) हो गई. इन्दौर की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के चलते अब देशभर से मरीज यहां प्रत्यारोपण के लिए आ रहे हैं.

प्रतीक्षा सूची और हालिया उपलब्धि
वर्तमान में ब्रेन डेड मरीजों से अंग प्राप्ति के लिए 218 मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं, जिनमें, 189 किडनी. 29 लीवर के मरीज शामिल हैं. हाल ही में शुजालपुर निवासी अनुपम नालमे (39 वर्ष) का अंगदान सीएचएल हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इसके अलावा शेल्बी हॉस्पिटल में एक ही दिन में दो किडनी ट्रांसप्लांट किए गए, जो राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय उपलब्धि मानी जा रही है.

त्वचा दान में देश में दूसरा स्थान
इन्दौर देश में त्वचा दान के मामले में दूसरे स्थान पर है. चोईथराम हॉस्पिटल द्वारा संचालित स्किन बैंक में अब तक 1039 मृतकों से त्वचा दान प्राप्त हुआ है, जिससे कई मरीजों का उपचार संभव हो सका है.

नेत्रदान में भी उल्लेखनीय उपलब्धि
पिछले 10 वर्षों में इन्दौर में लगभग 18,000 कॉर्निया संग्रहित किए गए हैं:
एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक- 15,240, शंकरा आई बैंकः 2,502, एम.वाय. आई बैंक- 256, वर्ष 2025 में एम.वाय. अस्पताल में 62 केराटोप्लास्टी (नेत्र प्रत्यारोपण) किए गए.

सरकारी अस्पतालों में बढ़ती सुविधाएं
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अंग प्रत्यारोपण के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की गई हैं. यहां अब तक 6 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं और लीवर ट्रांसप्लांट की दिशा में प्रयास जारी हैं.

बोन मैरो ट्रांसप्लांट में भी अग्रणी इन्दौर
पिछले 6 वर्षों में एम.वाय. हॉस्पिटल में 140 मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया है. यह उपचार मुख्यमंत्री सहायता योजना, पीएम केयर फंड और ष्टस्क्र के सहयोग से निःशुल्क या न्यूनतम शुल्क पर किया गया. मध्यप्रदेश में यह सुविधा फिलहाल केवल इन्दौर में ही उपलब्ध है, जबकि भोपाल और जबलपुर में केंद्र तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं.

सामूहिक प्रयासों से मिली सफलता
इन्दौर में अंगदान की यह सफलता डॉ. अरविन्द घनघोरिया, मुस्कान ग्रुप, दधीचि मिशन, विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और आई व स्किन बैंकों के सामूहिक प्रयासों से संभव हो सकी है

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