जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने प्रदेश के 55 जिलों में शराब सप्लाई की टेंडर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए बढ़ा दी है। न्यायालय ने जनहित याचिका की ग्राह्यता पर सवाल खड़ा किया। युगलपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि जनहित याचिका किस आधार पर ग्राह्य है, क्योंकि याचिकाकर्ता न तो टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुआ है और न ही उसका इससे प्रत्यक्ष संबंध दिखाई देता है।
याचिकाकर्ता की ओर से अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय मांगा गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। दरअसल जबलपुर निवासी अधिवक्ता योगेन्द्र पटेल द्वारा दायर जनहित याचिका में राज्य सरकार की 26 फरवरी 2026 की टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह फिक्स है। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने कहा कि जब याचिकाकर्ता स्वयं टेंडर प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, तो यह जनहित याचिका किस आधार पर सुनवाई योग्य है।
