श्रद्धा का सैलाब: हनुमान जन्मोत्सव पर आस्था, संयोग और लोकपरंपराओं का संगम

भोपाल। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आज गुरुवार को राजधानी भोपाल में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लेकिन इस बार का उत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि आस्था, ज्योतिषीय संयोग और लोकपरंपराओं के अनूठे मेल के रूप में सामने आया है।

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह पर्व इस वर्ष विशेष संयोग लेकर आया। गुरुवार, हस्त नक्षत्र, ध्रुव योग और कन्या राशि के चंद्रमा की उपस्थिति ने इसे और अधिक शुभ बना दिया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई पूजा-अर्चना और साधना न केवल मनोकामनाओं की पूर्ति करती है, बल्कि ग्रह दोषों से मुक्ति दिलाने वाली भी मानी जाती है। यही वजह है कि साधु-संतों से लेकर आम श्रद्धालु तक विशेष अनुष्ठानों में जुटे हुए हैं।

भोपाल के प्रमुख खेड़ापति हनुमान मंदिर में श्रद्धा का खास रंग देखने को मिला। करीब 45 वर्ष पुराने इस मंदिर की मनोकामना शिला भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। यहां लोग अपनी इच्छाएं पत्थर पर लिखकर हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से लिखी गई हर मनोकामना यहां पूर्ण होती है।

मंदिरों में दिनभर धार्मिक गतिविधियों की धूम रही अखंड रामायण पाठ, भजन-कीर्तन, महाआरती और भंडारों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर भव्य शोभायात्राएं भी निकाली गईं, जिनमें भगवान हनुमान के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

इस मौके पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

कुल मिलाकर, हनुमान जन्मोत्सव इस बार केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का व्यापक उत्सव बनकर उभरा, जिसमें हर वर्ग के लोग श्रद्धा के साथ सहभागी बने।

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