
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर सभी इकाइयों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी और अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सुदृढ़ करना, पारदर्शिता बढ़ाना, निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण सत्र में इंदौर और भोपाल के पुलिस आयुक्त, सभी पुलिस अधीक्षक, भोपाल, इंदौर और जबलपुर के रेल पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख एवं सेनानी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, सहायक पुलिस महानिरीक्षक दीपक ठाकुर और ऋचा चौबे के साथ एनआईसी के अधिकारी धर्मेंद्र जैन, सौरभ और देवेंद्र तिवारी उपस्थित रहे।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यों में गति और पारदर्शिता आएगी। उन्होंने सभी इकाइयों को इसका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हाल ही में सम्पन्न नवरात्रि पर्व की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आगामी हनुमान जयंती के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों, विशेषकर धार्मिक स्थलों का स्वयं निरीक्षण करने, एंट्री-एग्जिट मार्ग अलग रखने, सीसीटीवी निगरानी, मजबूत बैरिकेडिंग और सेक्टर आधारित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। वीआईपी मूवमेंट के दौरान आमजन की आवाजाही बाधित न हो, इस पर भी जोर दिया।
जयदीप प्रसाद ने बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर ई-ऑफिस का पूर्ण क्रियान्वयन हो चुका है और इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। बैठक में ई-विवेचना, ई-साक्ष्य और संदेश ऐप के साथ ही आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के तहत बायोमेट्रिक डेटा संग्रह के लिए एमसीयू की जानकारी भी दी गई।
