नयी दिल्ली, 01 अप्रैल (वार्ता) केंद्र सरकार ने कपड़ा निर्यातकों को राहत प्रदान करते हुए केंद्रीय तथा राज्य करों और उपकरों में छूट की अवधि छह महीने बढ़ा दी है।
मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि छूट 30 सितंबर 2026 तक या सक्षम प्राधिकारी द्वारा 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए योजना की स्वीकृति तक (जो भी पहले हो) बढ़ा दी गयी है। योजना के तहत अन्य सभी दिशा-निर्देश यथावत बने रहेंगे।
इस योजना की शुरुआत 07 मार्च 2019 को की गयी थी। सभी परिधान तथा गैर-परिधान वस्त्र इसके दायरे में आते हैं। इसका उद्देश्य उन सभी अंतर्निहित राज्य और केंद्रीय करों एवं उपकरों की भरपाई करना है जो किसी अन्य योजना के अंतर्गत कवर नहीं होते हैं ताकि देश का परिधान और अन्य वस्त्र निर्यात वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे।
मंत्रालय ने बताया कि यह योजना निर्यात के शून्य-रेटिंग के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातित उत्पादों में शामिल गैर-रिफंड योग्य कर निर्यातकों को वापस मिले। इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों को काफी राहत मिल रही है।
जो कपड़ा उत्पाद इस योजना के तहत कवर नहीं होते हैं उनके लिए निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट योजना को भी 01 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक जारी रखा गया है।
इन दोनों योजनाओं को जारी रखकर सरकार ने कपड़ा उद्योग में कार्यरत छोटे उद्यमों तथा उनमें रोजगार पाने वाले कामगारों को राहत देने की कोशिश की है।
