
सीहोर। जिले में बुधवार की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली और तेज बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरने लगे. करीब 3.15 बजे के बाद शुरू हुई इस बारिश ने पूरे शहर का मिजाज बदल दिया. जिला मुख्यालय पर काफी देर तक झमाझम बारिश हुई तो ओले भी बरसे, वहीं इछावर क्षेत्र के ग्राम जाटखेड़ी से भी ओलावृष्टि की खबर सामने आई है.
अचानक बदले मौसम ने लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। दोपहर तक जहां तेज धूप और उमस से लोग परेशान थे, वहीं बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई. बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में दो डिग्री अधिक था, लेकिन बारिश के बाद माहौल सुहावना हो गया.
दरअसल, बीती शाम से ही मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे. शाम करीब 7 बजे के बाद आसमान में काले घने बादल छा गए थे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी. इसके बाद बुधवार की दोपहर को अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया.
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय होना प्रमुख कारण है. इन सिस्टम्स के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे एक-दो दिन तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है. खासतौर पर शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश होने की स्थिति बन सकती है. मार्च महीने की बात करें तो इस बार पूरा महीना गर्मी के तेवर दिखाता रहा. 1 मार्च से लेकर 30 मार्च तक अधिकतम तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा. कई दिनों में तापमान 38 से 39 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा. हालांकि, महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक रुख बदला और 31 मार्च के बाद से तापमान में गिरावट आने लगी. बुधवार को चली करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और घने बादलों के कारण जिले में मौसम पूरी तरह बदल गया. तेज हवाओं और बारिश ने न केवल तापमान को नीचे लाया, बल्कि लोगों को गर्मी से राहत भी दिलाई.
सड़क पर गिरे पेड़ से यातायात हुआ बाधित
बुधवार की दोपहर बादलों की तेज गडग़ड़ाहट और तेज हवाओं के बीच बरसे बादलों ने जहां शहर को तरबतर कर दिया, वहीं तेज हवाओं ने खेतों में रखा भूसा उड़ा दिया तो बारिश से भूसा गीला हो गया. इसके अलावा मुरली रोड पर एक पेड़ गिर जाने से अंडरब्रिज से मंडी जाने वाला रास्ता बाधित हो गया. सूचना मिलने पर पहुंचे नपा के अमले ने जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाया तब कहीं जाकर यातायात सामान्य हो सका.
बारिश से शहर में घंटों तक बना रहा ब्लैक आउट
बुधवार को गर्मी से बेहाल नागरिकों को राहत देने मौसम बदला और तेज बारिश भले ही हुई हो, लेकिन इससे शहर में ब्लैक आउट के हालात निर्मित हो गए. तेज हवाओं के बीच बरसे बादलों ने शहर को जलमग्र कर दिया, वहीं इस बेमौसम बारिश ने एक बार फिर विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली की कलई खोल दी. दोपहर से बिजली गुल हो गई और लगभग संपूर्ण शहर में ब्लैक आउट हो गया. जगह- जगह करंट के तार टूटने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बुधवार को दोपहर लगभग तीन बजे जोरदार बारिश ने शहर को जलमग्र कर दिया. कई निचले इलाकों की गलियां जलमग्र हो गईं. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. वहीं रही सही कसर बिजली की कमी ने पूरी कर दी. इससे विद्युत वितरण कंपनी की लचर कार्यप्रणाली भी उजागर हो गई. बता दें कि विद्युत कंपनी द्वारा आए दिन मेंटेेनेंस के नाम पर दो से तीन घंटे बिजली बंद की जाती है. इसके बाद भी बुधवार को हुई बारिश के चलते शहर की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो गई. बारिश प्रारंभ होने के साथ ही संपूर्ण शहर की विद्युत प्रदाय व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई. जब काफी देर तक विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो लोगों ने विद्युत कंपनी के फोन खनखनाना शुरू किया. वहां से पता चला कि मंडी इंडस्ट्रियल एरिया और दशहरा बाग स्थित 33 केवी के तार टूट गए हैं तो और भी कई जगहों पर तार टूटने की जानकारी है. ऐसे में विद्युत अमला मरम्मत में जुटा रहा. देर शाम तक शहर में अंधेरे का माहौल बना रहा.
