
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रबी विपणन सीजन के दौरान प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखते हुए किसानों की परेशानी को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुप्रबंधन और आपसी टकराव के कारण लाखों किसान कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि सरकार ने खरीदी के बड़े-बड़े लक्ष्य तय किए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। मंडियों में बारदाने की भारी कमी है, जिससे किसानों को अपनी उपज के साथ खुले में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ असुविधा भी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने केंद्रीय कृषि नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश से जुड़ाव होने के बावजूद ऐसी स्थिति चिंताजनक है। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की कमी के चलते संकट और गहरा गया है।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 2,700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी का वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने इस स्थिति को “शर्मनाक” बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बारदाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं, तो वे भोपाल में शिवराज सिंह चौहान के निवास के बाहर अनशन करेंगे।
