नई दिल्ली | नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। आज से लागू हुए नए नियमों के तहत अब फ्लोटिंग रेट पर लिए गए होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन को समय से पहले बंद करने पर कोई भी ‘प्रीपेमेंट’ या ‘फोरक्लोजर’ चार्ज नहीं वसूला जाएगा। पहले, यदि कोई ग्राहक अपनी बचत से लोन को जल्दी चुकाना चाहता था, तो बैंकों को भारी जुर्माना देना पड़ता था, लेकिन अब इस पारदर्शिता से उधार लेने वालों के लिए कर्ज मुक्त होना सस्ता और आसान हो गया है।
बैंकिंग सेक्टर में एक और क्रांतिकारी बदलाव क्रेडिट स्कोर की मॉनिटरिंग को लेकर हुआ है। अब आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर महीने में एक बार के बजाय हर 7 दिन (7, 14, 21 और 28 तारीख) में अपडेट किया जाएगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो समय पर ईएमआई (EMI) चुकाते हैं, क्योंकि उनका क्रेडिट स्कोर अब तेजी से सुधरेगा। हालांकि, भुगतान में देरी करने वालों पर भी इसका असर तुरंत दिखाई देगा। बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को अब बैंक कम ब्याज दरों और त्वरित लोन अप्रूवल जैसे विशेष लाभ प्रदान करेंगे।
रिजर्व बैंक ने ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक खातों और लॉकर में नॉमिनी (उत्तराधिकारी) जोड़ने के नियमों को भी सरल बना दिया है। अब एक ही खाते में अधिकतम 4 नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे भविष्य में संपत्ति के हस्तांतरण में परिवारों को कानूनी बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, ज्वेलरी कारोबारियों को राहत देते हुए गोल्ड मेटल लोन की भुगतान अवधि 180 दिन से बढ़ाकर 270 दिन कर दी गई है। इन सुधारों का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना और ग्राहकों व वित्तीय संस्थानों के बीच भरोसे को मजबूत करना है।

