
गुना। जिले में आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 विजय कुमार मेहरा को लापरवाही, दस्तावेजों में हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, राघौगढ़ के सेक्टर ग्रामीण-01 के आंगनवाड़ी केंद्र नांदनेर तरी में पूजा कुशवाह और मधुसूदनगढ़ के तिलक चौक वार्ड क्रमांक-04 में रानी सेन का सहायिका पद पर अनंतिम चयन हुआ था। आरोप है कि विजय कुमार मेहरा ने नस्ती में हेरफेर करते हुए पूजा कुशवाह के स्थान पर पूनम कुशवाह और रानी सेन के स्थान पर रजनी सेन का नाम अंकित कर अनुचित तरीके से अनुमोदन प्राप्त करने की कोशिश की। चयनित महिला रानी सेन द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, उन्हें नियुक्ति पत्र के लिए बार-बार गुमराह किया जा रहा था। बाबू द्वारा कथित तौर पर यह कहा गया कि ज्वाइनिंग लेटर कलेक्टर के पास है। इसी दौरान बाबू पर नियुक्ति के बदले 25 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप भी लगे। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी से जांच कराई और तथ्यों की पुष्टि होने पर मंगलवार को स्वयं रानी सेन को नियुक्ति पत्र सौंप दिया है। ज्वाइनिंग लैटर लेने के बाद रानी के चेहरे पर मुस्कान दिखी। कलेक्टर ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए अच्छा काम करने के लिए प्रेरित किया।
इस मामले में रोचक बात यह रही कि ज्वाइनिंग लैटर में हेरफेर करने के आरोप झेल रहे विजय कुमार मेहरा की नियुक्ति अनुकंपा आधार पर हुई थी, जिसमें शर्त थी कि 3 वर्ष के भीतर सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा वर्ष 2019, 2021 और 2025 में बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने स्कोर कार्ड प्रस्तुत नहीं किया। कलेक्टर ने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और पदीय कर्तव्यों में लापरवाही को गंभीर मानते हुए यह कदम उठाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में सभी शासकीय प्रक्रियाएं पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह के मामले दोबारा पाए गए तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि में विजय कुमार मेहरा का मुख्यालय जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
