भोपाल: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। क्षिप्रा से गंगा तक की अवधारणा को साकार करते हुए वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच आज एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में संपन्न होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एम.पी.-यू.पी. सहयोग सम्मेलन में भाग लेने वाराणसी पहुंचे हैं, जहां यह समझौता दोनों राज्यों के धार्मिक स्थलों के बीच समन्वय और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना और दोनों प्रमुख तीर्थ स्थलों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है।
क्षिप्रा से गंगा तक की यह पहल उज्जैन और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थ शहरों को एक आध्यात्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।सरकार का मानना है कि इस तरह के सहयोग से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को दोनों राज्यों के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया है।
